पीपीएफ औऱ पोस्ट ऑफिस खातों को 31 दिसंबर तक आधार से लिंक कराना अनिवार्य

पीपीएफ औऱ पोस्ट ऑफिस खातों को 31 दिसंबर तक आधार से लिंक कराना अनिवार्य

सरकार ने अब पीपीएफ, राष्ट्रीय बचत पत्र योजना, किसान विकास पत्र और पोस्ट ऑफिस डि‍पॉजि‍ट के लि‍ए भी आधार जरूरी कर दि‍या है. वित्त मंत्रालय ने इस बाबत नोटिफिकेशन भी जारी किया है कि मौजूदा सभी खाताधारकों को अपना अकाउंट आधार से 31 दिसंबर, 2017 तक लिंक कराना जरूरी है.

By: | Updated: 07 Oct 2017 03:24 PM

नई दिल्ली: जिस तरह हर सरकारी योजना के लिए आधार जरूरी होता जा रहा है वहीं अब पोस्ट ऑफिस भी इसके दायरे में आ गए हैं. सरकार ने अब पीपीएफ, राष्ट्रीय बचत पत्र योजना, किसान विकास पत्र और पोस्ट ऑफिस डि‍पॉजि‍ट के लि‍ए भी आधार जरूरी कर दि‍या है. अगर आपका भी पोस्ट ऑफिस में खाता है तो इसे आधार से लिंक कराना जरूरी है. वित्त मंत्रालय ने इस बाबत नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है कि मौजूदा पोस्ट ऑफिस के डिपॉजिटर्स को अपने अकाउंट को आधार से 31 दिसंबर, 2017 तक लिंक कराना जरूरी है. ये नियम मौजूदा और नए सभी खाताधारकों पर लागू होता है. वहीं जिनके पास अभी आधार नंबर नहीं है, उनको आधार नंबर के लिए आवेदन करने से पहले आईडी प्रूफ जमा कराना होगा.


कैसे डाकघर जमा, पीपीएफ खातों को आधार से जोड़ें




  • पोस्ट ऑफिस अकाउंट को आधार से लिंक कराने के लिए लोगों को पोस्ट ऑफिस जाना होगा.

  • सरकार ने सभी डाकघर जमा खातों के लिए ये जरूरी किया है.

  • हालांकि बैंकों की तरह पोस्ट ऑफिस अकाउंट को आधार से ऑनलाइन लिंक नहीं करा पाएंगे क्योंकि देश के अधिकांश पोस्ट ऑफिस में ऑनलाइन फैसेलिटी फिलहाल नहीं है.

  • अब डाकघरों में लोक भविष्य निधि यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), राष्ट्रीय बचत पत्र-नेशनल सेविंग स्कीम्स (एनएससी) और किसान विकास पत्र (केवीपी) के लिए आधार नंबर देना जरूरी होगा.

  • मौजूदा पोस्ट ऑफिस के जमाकर्ताओं को आधार से अकाउंट लिंक कराने के लिए भी 31 दिसंबर तक का ही वक्त दिया गया है जैसा बैंक खातों को आधार से लिंक कराने की समयसीमा भी 31 दिसंबर ही है.


पोस्ट ऑफिस नेटवर्क
देश में 1.5 लाख पोस्ट ऑफिस हैं और इनमें अब डाक भेजने-रिसीव करने के साथ-साथ पोस्ट ऑफिस खातों का काम मुख्य रूप से होता है. देश के ग्रामीण इलाकों में पोस्ट ऑफिस नेटवर्क ज्यादा है. छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में पोस्ट ऑफिस में ज्यादा डिपॉजिट होता है तो ये फैसला खासतौर पर वहां असर डाल सकता है.


आधार 
आधार कार्ड भारत सरकार भारतीय नागरिकों को जारी करती है. ये 12 अंकों की एक विशिष्ट संख्या वाला पहचान पत्र है जो बायोमीट्रिक पहचान से जुड़ा है. भारत में कहीं भी व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण पत्र आधार होगा. आधार कार्ड एक पहचान पत्र मात्र है और यह नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है. सरकार ने सरकारी स्कीम्स और सब्सिडी का फायदा लेने के लिए आधार नंबर हासिल करने की समयसीमा 3 महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर तक की थी जो पहले 30 सितंबर तक थी.


कोई भी व्यक्ति आधार के लिए एनरोलमेंट करवा सकता है बशर्ते वह भारत का निवासी हो और यूआईडीएआई द्वारा निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करता हो, भारतीय डाक से मिला और यूआईडीएआई की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार दोनों ही समान रूप से मान्य हैं.

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