लोन लेने वालों के अच्छे दिन आएंगे?

By: | Last Updated: Wednesday, 4 March 2015 4:01 AM

नई दिल्ली: अर्थव्यवस्था के मोर्चे से दो बड़ी और अच्छी खबरें आई हैं जिसका सीधा असर हमारी जेब पर है. पहले आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है.

 

आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की है. रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट कम किया है. अब तक रेपो रेट सात दशमलव सात पांच फीसदी था जो अब 7.5 फीसदी हो गया है.

 

इससे ब्याज दर घटने की उम्मीद की जा रही है. ब्याज दर में कमी आई तो ईएमआई भी घटेगी. रेपो रेट का मतलब आपको समझाते हैं. जिस दर पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं.

 

बैंक अगर आरबीआई से लोन लेंगे तो उन्हें सात दशमलव पांच फीसदी ब्याज देना होगा. यही राहत बैंक अपने ग्राहकों को दे सकते हैं. बजट में हुए ऐलानों के बाद माना जा रहा था कि आरबीआई दरों में कटौती कर सकता है और ऐसा ही हुआ.

 

क्या होता है रेपो रेट?

रोजमर्रा के कामकाज के लिए बैंकों को भी ब्याज पर पैसा लेना पड़ता है. और ऐसी स्थिति में उनके लिए देश के केंद्रीय बैंक, यानि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ऋण लेना सबसे आसान विकल्प होता है. इस तरह के ऋण पर रिजर्व बैंक जिस दर से उनसे ब्याज वसूल करता है, उसे रेपो रेट कहते हैं.

 

अब आप आसानी से समझ सकते हैं कि जब बैंकों को कम दर पर ऋण उपलब्ध होगा, वे भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी ब्याज दरों को कम कर सकते हैं, ताकि ऋण लेने वाले ग्राहकों में ज्यादा से ज्यादा बढ़ोतरी की जा सके.

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Web Title: RBI cuts repo rate 25 bps
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