आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दरें अपरिवर्तित रखीं, उंची मुद्रास्फीति अब भी चिंताजनक

By: | Last Updated: Tuesday, 5 August 2014 7:01 AM

मुंबई: बारिश की कमी के खद्य वस्तुओं की कीमतों पर असर से चिंतित आरबीआई ने आज अपनी नीतिगत ब्याजदरों को पहले के स्तर पर बनाए रखने का फैसला किया लेकिन सांविधिक नकदी अनुपात :एसएलआर: में 0.5 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की.

एसएलआर में कमी से बैंकों को सरकारी प्रतिभूतियों में पहले से कम नकदी रखनी होगी और इससे बैंकों के पास बाजार को देने के लिए 40,000 करोड़ रपए की अतिरिक्त नकदी सुलभ होगी.

 

आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने लगातार तीसरी बार मुख्य दरें अपरिवर्तित रखते हुए कहा मानसून में अनिश्चितता के मद्देनजर मुद्रास्फीति बढ़ने और इसका असर खाद्य उत्पादन पर भी पड़ने का जोखिम है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव चल रहा है.