महंगाई की चिंता में रिजर्व बैंक ने दरों में नहीं किया कोई बदलाव

By: | Last Updated: Tuesday, 1 December 2015 12:47 PM
RBI monetary policy review

मुंबई: रिजर्व बैंक ने बाजार के अनुमानों के मुताबिक प्रमुख नीतिगत दर में आज कोई बदलाव नहीं किया. नीतिगत ब्याज दर रेपो 6.75 प्रतिशत पर बनाए रखा है.

 

खुदरा मुद्रास्फीति के चार माह के उच्चस्तर पर पहुंच जाने और माह के दौरान अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना के मद्देनजर विदेशी मुद्रा निकासी की आशंका को देखते हुये रिजर्व बैंक से दरें स्थिर रखे जाने की उम्मीद की जा रही थी. रिजर्व बैंक ने इस साल जनवरी के बाद से अब तक प्रमुख नीतिगत दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की है.

 

पिछली मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की उम्मीद से अधिक कटौती की गयी थी. इसके पहले बैंक ने जनवरी, मार्च और जून माह में बराबर बराबर 0.25-0.25 प्रतिश की कटौती की थी. रेपो दर वह दर है जिसपर आरबीआई बैंकों को फौरी जरूरत के लिए नकदी उधार देता है. इसके साथ ही बैंकों के नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को चार प्रतिशत पर यथावत रखा गया है. बैंकों को अपनी कुल जमा का एक निश्चित अनुपात रिजर्व बैंक के पास सुरक्षित रखना पड़ता है, उसे ही सीआरआर कहते हैं.

 

राजन ने कहा, ‘‘खाद्य पदार्थ और ईंधन को छोड़कर खुदरा मुद्रास्फीति में लगातार दो माह वृद्धि सतर्क रहने की तरफ इशारा करती है.’’ उन्होंने वादा किया कि जब कभी गुंजाइश मिलेगी दरों में कटौती की जायेगी.

 

खुदरा मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति अक्तूबर में बढ़कर पांच प्रतिशत पर पहुंच गई. इस दौरान दलहन तथा दूसरे खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से इसमें वृद्धि दर्ज की गई. यह रिजर्व बैंक के मुद्रास्फीति लक्ष्य के अनुरूप रही.

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Web Title: RBI monetary policy review
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