सोने से जुड़ी कल तीन योजनाएं हो रही हैं शुरू

By: | Last Updated: Wednesday, 4 November 2015 3:45 PM

नई दिल्ली:  सोने से जुड़ी तीन योजनाएं गुरुवार से शुरु हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोल्ड मोनेटाइजेशन, और गोल्ड बांड जैसी योजनाओं को लांच करने के साथ अशोक स्तम्भ वाले सोने के सिक्के जारी करेंगे.

 

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम दरअसल घरों मे बेकार पड़े 20 हजार टन सोने को बाहर निकालने की कोशिश का एक हिस्सा है. ये वर्षो से चली आ रही गोल्ड डिप़ॉजिट स्कीम की जगह लेगी. नए स्वरूप में कम से कम 30 ग्राम सोना जमा कराने की सुविधा मिलेगी. जमा कराने की कोई ऊपरी सीमा नहीं है.

 

स्कीम के तहत सोना केवल बिस्किट या छड़ के रूप में 1 से 15 साल तक के लिए जमा करा सकते हैं. अगर आप अपने गहना जमा करना चाहते है तो पहले उसे भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा प्रमाणित संग्रह एवं शुद्धता परीक्षण केंद्रों (सीपीटीसी) पर ले जाकर जांच करानी होगी. फिर गहनों को गला कर सिक्के, बिस्कुट या छड़ में तब्दील कर दिया जाएगा. इसी के आधार पर एक सर्टिफिकेट जारी होगा जिसके आधार पर बैंक डिपॉजिट अकाउंट खोलेगा.

 

गोल्ड बांड

 

सोना खरीदे बगैर, उसके भाव में लम्बे समय में होने वाली बढ़ोतरी का फायदा मिल सकता है. बस इसके लिए सोवरिन गोल्ड बांड में पैसा लगाना होगा. बजट में ऐलान के बाद सरकार ने नयी योजना के लिए कायदे कानून जारी कर दिए हैं.

 

एक बांड एक ग्राम सोने के बराबर होगा. नयी योजना के तहत आप कम से कम दो ग्राम यानी दो बांड और ज्यादा से ज्यादा आधा किलो यानी 500 यूनिट मे पैसा लगा सकते हैं. सरकार समय-समय पर एक तय संख्या में बांड जारी करेगी. बांड की पहली खेप 26 नवम्बर को जारी होगी जिसके लिए 5 नवम्बर से 20 नवम्बर के बीच आवेदन दिया जा सकता है. बाद में सरकार समय-समय पर और खेप जारी कर सकती है.

 

बांड खरीदने की कीमत, जारी की जाने वाली तारीख के ठीक पहले के सप्ताह मे सात दिनों के औसत बंद भाव के आधार पर तय होगा. बांड की मियाद 8 साल तय की गयी है. मियाद पूरी होने की तारीख के ठीक पहले के सप्ताह मे सात दिनों के औसत बंद भाव के आधार पर आपको अपना निवेश वापस मिलेगा. आप चाहें तो पांच साल के बाद पैसा निकाल सकते है, लेकिन वहां भी यही फॉर्मूला लागू होगा. एक बात और, भाव चाहे जो भी हो, हर साल आपको अपने निवेश पर पौने तीन फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा.

 

बांड खऱीदने के लिए बैंक या डाक घर जाना होगा. वहां सीधे या एजेंटें के जरिए आप पैसा लगा सकते हैं. निवेश के लिए केवाईसी के हर कायदे कानून को पूरा करना होगा. इसके लिए वोटर आईडी, आधार कार्ड, पैन या पासपोर्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप चाहे तो इस बांड को गिरवी रखकर कर्ज भी ले सकते हैं. और हां, बांड पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी.

 

बांड से जुटायी रकम का इस्तेमाल सरकार अपनी उधारी को पूरा करने के लिए करेगी, जबकि अभी बैंकों से पैसा जुटाया जाता है. अब होगा ये कि बैकों के पास नकदी ज्यादा होगी जिसके जरिए वो ज्यादा कर्ज तो दे ही पाएंगे, साथ ही ब्याज दर में भी कमी आ सकती है.

 

बांड जारी करने के पीछे सरकार का मकसद सोने के आयात में कमी करना है. इस समय हर साल 1000 टन तक सोने का आय़ात होता है जिस पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है और इसका असर करंट अकांट के घाटे पर पड़ता है. अब सरकार को उम्मीद है कि आगे हालात बदलेंगे.

Business News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: RBI to notify sovereign gold bond scheme tomorrow
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: Gold Bond scheme intrest RBI
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017