मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में और कटौती कर सकता है रिवर्ज बैंक

By: | Last Updated: Sunday, 1 February 2015 11:25 AM

नई दिल्ली/मुंबई: रिजर्व बैंक इस सप्ताह पेश होने वाली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में आर्थिक वृद्धि को सहारा देने के लिए नीतिगत दरों में चौथाई फीसद की और कटौती कर सकता है.

 

माना जा रहा है कि मुद्रास्फीति के अंकुश में आने व कोल इंडिया के रिकार्ड विनिवेश से राजकोषीय स्थिति बेहतर दिखने के बाद केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में और कटौती कर सकता है.

 

रिजर्व बैंक ने पिछले महीने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर (रेपो) में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर बाजार को सुखद आश्चर्य में डाल दिया था. 20 माह तक सख्त नीतिगत रख अपाने के बार केंद्रीय बैंक ने पहली बार रख नरम किया. केंद्रीय बैंक अपनी छठी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा 3 फरवरी को पेश करेगा.

 

बैंकरों व अर्थशास्त्रियों के अनुसार खुदरा व थोक मुद्रास्फीति नीचे आ गई हैं, ऐसे में रिजर्व बैंक के पास नीतिगत ब्याज दर में और कमी की गुंजाइश बनती है. कोल इंडिया में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री से 22,500 करोड़ रपये से अधिक हासिल हुए हैं. इससे राजकोषीय मोर्चे पर चिंता कम हुई है.

 

रिजर्व बैंक ने पिछले माह रेपो दर को 8 से घटाकर 7.75 प्रतिशत करते हुए कहा था कि ब्याज दरों में और कटौती मुद्रास्फीति के परिदृश्य व राजकोषीय स्थिति पर निर्भर करेगी.

 

ओरियंटल बैंक आफ कामर्स के प्रमुख अनिमेष चौहान ने कहा कि ज्यादातर वृहद आर्थिक संकेतक ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में हैं. उन्हें उम्मीद है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम 3 फरवरी को ब्याज दरों में चौथाई फीसद की और कटौती कर सकते हैं.

 

सार्वजनिक क्षेत्र की आईएफसीआई के प्रबंध निदेशक मलय मुखर्जी ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर व्यापक उम्मीदें जताई जा रही हैं, लेकिन रिजर्व बैंक के पास सभी आंकड़े हैं और वह उन्हीं के अनुरूप फैसला करेगा.

 

भारतीय स्टेट बैंक की शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय बैंक आगामी मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में ‘सांकेतिक कटौती’ कर सकता है.

 

एसबीआई की मुख्य अर्थशास्त्री सौम्या कांति घोष ने कहा, ‘‘हम इस बात पर कायम हैं कि दर में पहली कटौती बजट के बाद होगी. हालांकि 3 फरवरी को सांकेतिक कटौती की संभावनाएं बढ़ी हैं.’’

 

बैंक आफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक राजन धवन ने कहा कि यदि राजकोषीय स्थिति मजबूत होती है, तो दरें नीचे आने लगेंगी. एचएसबीसी इंडिया की भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा, ‘‘हालांकि, अगले सप्ताह ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, लेकिन हमारा मानना है कि हाल में ब्याज दरों में हैरान करने वाली कटौती के बाद अगली कटौती मार्च में होगी.’’

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Web Title: Reserve Bank of India may cut interest rate further in policy review this week
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