सहारा को राहत नहीं: सुप्रीम कोर्ट का एंबी वैली की नीलामी रोकने से इंकार

सहारा ग्रुप को सहारा-सेबी खाते में 1500 करोड़ रुपये में से करीब 966.50 करोड़ रुपये जमा कराने हैं. ऐसा न करने पर एंबी वैली की नीलामी करने का अदालती आदेश था. सहारा समूह ने एंबी वैली की नीलामी रोकने और पैसे जमा कराने के लिए और समय देने का आग्रह किया था.

By: | Last Updated: Monday, 11 September 2017 10:17 PM
SC refused to stop ambey valley auction if Sahara fails to submit amount

नई दिल्लीः सहारा चीफ सुब्रत रॉय सहारा को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. आज शीर्ष अदालत ने एंबी वैली की नीलामी रोकने से इंकार कर दिया है. उच्चतम न्यायालय ने सहारा की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने निवेशकों के पैसे चुकाने के लिए और समय मांगा था. सहारा ग्रुप को सहारा-सेबी खाते में 1500 करोड़ रुपये में से करीब 966.50 करोड़ रुपये जमा कराने हैं. एंबी वैली की नीलामी रोकने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार करते हुए कहा कि नीलामी की प्रक्रिया अपने निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक चलेगी. इसके लिए सहारा समूह को और वक्त नहीं दिया जाएगा.

11 नवंबर तक का वक्त मांगा था सहारा ने
सहारा चीफ ने न्यायालय से 1500 करोड़ रुपये की राशि में से शेष बची 966 करोड़ रुपये की राशि को जमा कराने के लिए 11 नवंबर तक का समय देने की अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट ने आधिकारिक लिक्विडेटर को एंबी वैली प्रोजेक्ट की नीलामी पर तय समय पर ही करने का निर्देश दिया. न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वह शीर्ष अदालत का कानून से खेलने के लिए ‘एक प्रयोगशाला’ की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं.

अदालत ने यह निर्देश तब दिया जब रॉय ने बताया कि उन्होंने सेबी-सहारा खाते में 533.20 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं और वह शेष 966.80 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान 11 नवंबर की तारीख वाले चेकों के जरिये करना चाहते हैं.

7 सितंबर तक कराने थे 1500 करोड़ रुपये जमा
शीर्ष अदालत ने कहा कि सहारा प्रमुख ने सिर्फ ‘अतिशयोक्तिपूर्ण और वाकपटुता’ वाले बयान दिये हैं लेकिन यह पूरी राशि अब तक जमा नहीं करायी गयी है. 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख को 1500 करोड़ रुपये की राशि 7 सितंबर तक सेबी-सहारा खाते में जमा करने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने कहा था कि उसके बाद ही रॉय निवेशकों को बकाया राशि के पूर्ण भुगतान के लिए 18 महीने का और समय मांगने की याचिका पर बहस कर सकते हैं.

एंबी वैली
महाराष्ट्र के पुणे में लोनावाला में 10,600 एकड़ में बना ये सहारा ग्रुप का सबसे बड़ा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट है. सहारा की महाराष्ट्र की एंबी वैली प्रॉपर्टी की कीमत 37,392 करोड़ रुपये है. इसमें वादियों, झीलों के साथ आलीशन बंगले, गोल्फ कोर्स, फार्च्यून फाउंटेन समेत प्राइवेट एयर स्ट्रिप जैसी लग्जरी टाउनशिप है.

क्या है पूरा मामला?
सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन (एसआईआरईसीएल) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कार्प लि. (एसएचआईसीएल) पर निवेशकों से अवैध तरीके से 24,000 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप था. इस मामले में शीर्ष अदालत ने 31 अगस्त 2012 को सहारा को करीब 26,000 करोड़ रुपये वापस करने का आदेश दिया था पर 2014 तक इस आदेश का पालन नहीं हुआ. कोर्ट ने कहा था कि बाजार विनियामक संस्था सेबी के पास यह पैसा जमा करा दे. इसके बाद 4 मार्च 2014 को सहारा चीफ सुब्रत राय के साथ कंपनी के 2 डायरेक्टर्स रवि शंकर दुबे और अशोक राय चौधरी को गिरफ्तार किया गया था. सहारा ने अब तक 11,000 करोड़ रुपये लौटा दिए हैं.

कब से जेल से बाहर हैं सहारा प्रमुख सुब्रत राय
सहारा प्रमुख सुब्रत राय को 4 मार्च, 2014 को जेल भेजा गया था. 6 मई, 2016 को अपनी मां की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए 4 हफ्ते का पैरोल मिला था. उसके बाद से अदालत ने उनका पैरोल लगातार बढ़ाया है और वो मई 2016 से जेल से बाहर हैं.

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