साप्ताहिक समीक्षा: सेंसेक्स, निफ्टी में 2 फीसदी से अधिक तेजी

साप्ताहिक समीक्षा: सेंसेक्स, निफ्टी में 2 फीसदी से अधिक तेजी

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

मुंबई: देश के शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में दो फीसदी से अधिक तेजी दर्ज की गई. बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह 2.19 फीसदी या 619.24 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 28,879.38 पर बंद हुआ.

 

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.26 फीसदी या 194.1 अंकों की तेजी के साथ 8,780.35 पर बंद हुआ.

 

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से पिछले सप्ताह 23 में तेजी रही, जिसमें प्रमुख रहे रिलायंस इंडस्ट्रीज (8.28 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (7.76 फीसदी), कोल इंडिया (6.95 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (6.80 फीसदी) और सेसा स्टरलाईट (6.10 फीसदी).

 

सेंसेक्स में सात शेयरों में गिरावट रही, जिनमें प्रमुख रहे एचडीएफसी (3.26 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.69 फीसदी), विप्रो (2.16 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.44 फीसदी) और सिप्ला (1.32 फीसदी).

 

गत सप्ताह मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तीन से छह फीसदी तेजी रही. मिडकैप 3.19 फीसदी या 342.6 अंकों की तेजी के साथ 11,093.02 पर और स्मॉलकैप 6.28 फीसदी या 699.61 अंकों की तेजी के साथ 11,846.33 पर बंद हुआ.

 

अमेरिका में बेरोजगारी दर में धीमी गिरावट के कारण बाजार में गत सप्ताह तेजी रही. बेरोजगारी दर में धीमी गिरावट का आशय निवेशकों ने यह निकाला कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दर बढ़ाने में जल्दबाजी नहीं करेगा.

 

ब्याज दर बढ़ाने जाने से डॉलर और अमेरिका अर्थव्यवस्था के मजबूत होने का अनुमान है और इससे भारत सहित तमाम उभरती अर्थव्यवस्था से एफपीआई बाहर निकलकर अमेरिका का रुख कर सकते हैं. बहरहाल रोजगार के कमजोर आंकड़ों के कारण एफपीआई वापस लिवाली कर रहे हैं.

 

शुक्रवार तीन अप्रैल को अमेरिकी श्रम मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक अमेरिका में नौकरी करने वालों की संख्या मार्च में 1,26,000 बढ़ी यह फरवरी के मुकाबले लगभग आधी है और करीब एक साल में सबसे कम वृद्धि है.

 

इधर देश में गुरुवार को वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर सर्विसेज ने देश की अर्थव्यवस्था में कुछ और भरोसा दिखाते हुए इसके परिदृश्य को स्थिर से बढ़ाकर सकारात्मक कर दिया और कहा कि यदि अगले 12-18 वर्षो में और बेहतर संकेत मिलेंगे, तो देश की साख रेटिंग ग्रेड भी बढ़ाई जा सकती है.

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