ट्राई ने जारी किया पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिये नियमों का मसौदा

ट्राई ने जारी किया पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिये नियमों का मसौदा

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

नई दिल्ली: दूरसंचार क्षेत्र के नियामक ट्राई ने देश में पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी शुरू करने के लिये नियमों का मसौदा जारी कर दिया है. पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी तीन मई से शुरू करने का फैसला किया गया है.

 

पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी शुरू होने से मोबाइल ग्राहकों को देश के किसी भी कोने में दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी बदलने की छूट होगी. हालांकि, इस दौरान उनका मोबाइल नंबर वही रहेगा.

 

इस समय मोबाइल ग्राहकों को अपनी दूरसंचार कंपनी बदलने की छूट केवल सीमित दायरे में ही है. ग्राहक केवल एक दूरसंचार सर्किल में ही अपना सेवा प्रदाता बदल सकते हैं और ज्यादातर मामलों में यह एक राज्य तक ही सीमित है.

 

ट्राई ने यहां जारी एक वक्तव्य में कहा है, ‘‘पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी :एमएनपी: को अमल में लाने के लिये एमएनपी नियमन 2009 :संशोधित रूप में: कुछ बदलाव करने होंगे. इस लिहाज से दूरसंचार मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी नियमन 2009 में संशोधन का प्रारूप तैयार किया गया है.’’

 

दूरसंचार विभाग ने 3 नवंबर 2014 को एमएनपी लाइसेंस समझौते में संशोधन जारी करते हुये दूरसंचार कंपनियों से कहा था कि वह लाइसेंस में संशोधन होने की तिथि से छह माह के भीतर पूर्ण एमएनपी लागू करें.

 

नये संशोधनों में ट्राई एक नया उपबंध जोड़ना चाहता है जिसमें पोस्ट पेड मोबाइल सेवा इस्तेमाल करने वालों के हितों का ध्यान रखा जायेगा. ऐसे मोबाइल ग्राहकों को पुराने सेवा प्रदाता के सभी बकाये का भुगतान कर दिये जाने के बावजूद भी नये नेटवर्क में कनेक्शन कट जाने की समस्या का सामना करना होता है.

 

नियामक ने इस मामले में एक समयसीमा तय कर दी है जिसमें पुराने सेवा प्रदाता और नये सेवा प्रदाता को ग्राहकों के बकाये के बारे में स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है ताकि ग्राहक को बाद में परेशानी नहीं हो. ट्राई ने एमएनपी मसौदे पर आम जनता से 6 फरवरी 2015 तक उनके सुझाव मांगे हैं.

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