साप्ताहिक समीक्षा: सेंसेक्स, निफ्टी में 3 फीसदी, मिडकैप में 4 फीसदी तेजी

By: | Last Updated: Saturday, 25 October 2014 3:22 AM

मुंबई: देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब तीन फीसदी और स्मॉलकैप तथा मिडकैप सूचकांकों में तीन से चार फीसदी तेजी रही. बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह 2.84 फीसदी या 742.52 अंकों की तेजी के साथ गुरुवार को 26,851.05 पर बंद हुआ. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 3.02 फीसदी या 234.85 अंकों की तेजी के साथ 8,014.55 पर बंद हुआ.

 

पिछले सप्ताह सिर्फ तीन दिन ही सामान्य कारोबारी सत्र संचालित हुए. गुरुवार और शुक्रवार को क्रमश: दिवाली लक्ष्मी पूजा और दिवाली बलिप्रतिपदा के मौके पर शेयर बाजार बंद रहे. गुरुवार को दिवाली के मौके पर हालांकि शाम में एक घंटे के लिए विशेष ‘मुहूर्त कारोबार’ संचालित किया गया. सेंसेक्स के 30 शेयरों में से पिछले सप्ताह 27 में तेजी रही. टाटा मोटर्स (8.67 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (8.23 फीसदी), मारुति सुजुकी (7.61 फीसदी), लार्सन एंड टुब्रो (7.34 फीसदी) एवं गेल (7.15 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही.

 

सेंसेक्स में तीन शेयरों इंफोसिस (1.14 फीसदी), विप्रो (1.11 फीसदी) और आईटीसी (0.90 फीसदी) में गिरावट रही. गत सप्ताह मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही. मिडकैप 4.32 फीसदी या 400.54 अंकों की तेजी के साथ 9,673.03 पर और स्मॉलकैप 3.38 फीसदी या 348.68 अंकों की तेजी के साथ 10,662.65 पर बंद हुआ.

 

गत सप्ताह सरकार द्वारा आर्थिक सुधार पथ पर और आगे बढ़ने की उम्मीद में शेयर बाजार में तेजी आई. सरकार ने डीजल मूल्य को जहां नियंत्रण मुक्त कर दिया, वहीं देश में उत्पादित होने वाली प्राकृतिक गैस का मूल्य भी बढ़ा दिया है. इसके साथ ही महाराष्ट्र और हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शानदार प्रदर्शन ने सुधार पथ पर आगे बढ़ सकने की भाजपा नीत केंद्र सरकार की क्षमता पर विश्वास की एक और मुहर लगा दिया.

 

अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के मूल्य में हाल के दिनों में काफी गिरावट दर्ज की गई. यह गिरावट इस अनुमान के कारण हुई है कि तेल की बढ़ती आपूर्ति सुस्त अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक स्थिति में मांग को पूरा करने के लिए काफी होगी. तेल की कीमत घटने से देश को वित्तीय घाटा, चालू खाता घाटा और महंगाई दर कम करने में मदद मिलेगी. उल्लेखनीय है कि देश को अपने समग्र कच्चे तेल की जरूरत के 80 फीसदी हिस्से को आयात से पूरा करना पड़ता है.

 

गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सोमवार 20 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रद्द किए गए 214 कोयला ब्लॉक लाइसेंसों में से 74 की नीलामी निजी कंपनियों को अगले तीन से चार महीनों में की जाएगी. ये लाइसेंस निजी कंपनियों को कैप्टिव उपयोग के लिए ही दिए जाएंगे. सरकार ने यह भी कहा कि निजी कंपनियों द्वारा कोयले का वाणिज्यिक खनन के बारे में सरकार बाद में विचार करेगी.

 

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकारी कंपनियों और खास तौर से सरकारी बिजली कंपनियों को कोयला खनन लाइसेंस के लिए नीलामी में निजी कंपनियों से प्रतियोगिता नहीं करनी होगी. सरकारी कंपनियों को खदान बिना नीलामी के ही आवंटित किए जाएंगे.

 

इससे पहले, सप्ताहांत में सरकार ने डीजल मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया था और प्राकृतिक घरेलू गैस क कीमत बढ़ा दी थी. इससे जहां ऊर्जा पर सरकार की सब्सिडी खर्च कम होगी. वहीं गैस मूल्य बढ़ने से सरकार की आय भी बढ़ेगी.

 

रविवार 19 अक्टूबर को हुई मतगणना में जहां भाजपा को हरियाणा विधानसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल हो गया, वहीं महाराष्ट्र में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है. इससे केंद्र में भी भाजपा नीत सरकार की क्षमता पर भरोसा बढ़ा है.

 

दोनों राज्यों में भाजपा को मिली विजय से राज्यसभा में भाजपा का दबदबा बढ़ेगा, जहां भाजपा अल्पमत में है. राज्यसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्यों के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करना आवश्यक होता है.

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