अब सिर्फ शातिर अपराधियों पर ही नहीं बल्कि पुलिसवालों पर भी नजर रखेगी 'तीसरी आंख'!

By: | Last Updated: Sunday, 9 February 2014 10:53 AM

रतलाम: पुलिस के कुछ जवानों की हरकतें पूरे महकमे को ही सवालों के घेरे में खड़ा देती हैं. इन हरकतों पर अंकुश लगाने के लिए मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में सीसीटीवी कैमरों का सहारा लिया गया है. थानों से लेकर कई पुलिस वाहनों तक में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे अफसरों की तीसरी आंख बन गए हैं.

 

रतलाम जिले के 19 थानों में से छह पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, इसके अलावा पीसीआर और निर्भया वैन में भी कैमरे लगा दिए गए हैं. इन कैमरों को अफसरों के मोबाइल फोन से भी जोड़ा गया है. इसके चलते अफसर कहीं से भी मोबाइल पर कैमरे के जरिए थाने में चल रही हर गतिविधि को देख सकते हैं.

 

पुलिस थाने मे ये कैमरे थाना प्रभारी के कक्ष, पासपोर्ट कक्ष, शिकायत डेस्क, प्रवेश द्वार के अलावा कुछ अन्य स्थानों पर भी लगे हैं. इन कैमरों की संख्या चार से छह है, जो हर हरकत को कैद कर लेते हैं.

 

पुलिस अधीक्षक जी. के. पाठक बताते हैं कि कैमरे लगे होने से थाने में चल रही गतिविधियां किसी भी समय देखी जा सकती हैं. पुलिस जवानों के अलावा कौन व्यक्ति आया और किसलिए आया, इसका ब्यौरा भी उसी वक्त हासिल किया जा सकता है.

 

पाठक के अनुसार कैमरे लगाने का मकसद यह है कि थाने में किसी तरह की गड़बड़ी न हो और वहां पहुंचने वाले फरियादी को भी परेशानी न हो. इन कैमरों की निगरानी में होने के कारण पुलिस जवान भी लापरवाही नहीं बरतेंगे.

 

ये कैमरे पुलिस थाने के कर्मचारियों के लिए भी मददगार साबित होंगे, क्योंकि थानों में प्रभावशाली लोग आकर अभद्रता कर जाते हैं और आखिर में शामत पुलिस जवानों के साथ थाने के अन्य लोंगों पर आती है. कैमरे होने से अफसर फुटेज के जरिए वास्तविकता जानकर कार्यवाही कर सकेंगे.

 

पुलिस थानों के अलावा महिलाओं की मदद के लिए निर्भया अभियान के तहत निर्भया वाहन में भी कैमरा लगाया गया है. यह वाहन शहर में लगातार घूमता रहता है. इस वाहन पर लगा कैमरा सड़क से गुजर रहे लोगों पर नजर रखता है. इसका लाभ यह है कि महिला से छेड़छाड़ करने वाला व्यक्ति कैमरे की जद में आ जाता है और पुलिस उसे सीख दे सकती है.

 

इसी तरह अन्य वाहनों पर लगे कैमरे विषम स्थितियों को नियंत्रित करने में पुलिस अफसरों के लिए मददगार साबित हो सकते हैं, क्योंकि एक साथ कई स्थानों की स्थिति की तस्वीर पुलिस अफसरों के सामने होगी, जिसके आधार पर वे अपनी कार्यवाही को अंजाम दे सकेंगे.

 

थाने से लेकर पुलिस वाहनों पर लाए गए सीसीटीवी कैमरे पुलिस अफसरों के लिए जहां तीसरी आंख का काम कर रहे हैं, वहीं पुलिस थानों में होने वाली मस्ती पर रोक लग गई है.

Crime News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: अब सिर्फ शातिर अपराधियों पर ही नहीं बल्कि पुलिसवालों पर भी नजर रखेगी ‘तीसरी आंख’!
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017