गुंडे के डर से बेटी का बाल विवाह करने चले थे माता-पिता

By: | Last Updated: Monday, 5 May 2014 11:35 AM

इंदौर: क्षेत्रीय गुंडे के डर से यहां 13 वर्षीय लड़की के परिजन अपनी बेटी को शादी के बंधन में बांधने जा रहे थे. लेकिन महिला और बाल विकास विभाग के वक्त रहते हरकत में आने से यह बाल विवाह रुकवा दिया गया.

 

विभाग की परियोजना अधिकारी चित्रा यादव ने आज ‘भाषा’ को बताया, ‘अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाला एक परिवार अपनी 13 वर्षीय बेटी की कल छह मई को शादी करने जा रहा था. लेकिन हमें यह खबर मिल गयी और हमने चंदन नगर क्षेत्र में नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी.’ चित्रा ने बताया कि नाबालिग लड़की के परिजन ने उनसे कहा कि क्षेत्रीय गुंडा मनीष मराठा उनकी बेटी को लम्बे वक्त से परेशान कर रहा है. इसी वजह से वे दूसरे शहर में लड़की की तुरत.फुरत शादी कर रहे थे, ताकि उनकी बेटी गुंडे से महफूज रह सके.

 

उन्होंने बताया कि नाबालिग लड़की के परिजन ने उन्हें यह भी कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय थाने में गुंडे के खिलाफ शिकायत भी की थी. लेकिन पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया. इस बारे में पूछे जाने पर पुलिस अधीक्षक :पश्चिमी क्षेत्र: आबिद खान ने कहा, ‘मैं पता करता हूं कि नाबालिग लड़की के परिजन ने गुंडे के खिलाफ पुलिस को शिकायत की थी या नहीं. अगर इस बारे में कोई शिकायत की गयी है, तो हम उचित कार्रवाई करेंगे.’ देश में 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 साल से कम आयु की लड़की की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है, जो कानूनन अपराध है. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषी को दो वर्ष तक के सश्रम कारावास अथवा एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं का प्रावधान है.

Crime News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: गुंडे के डर से बेटी का बाल विवाह करने चले थे माता-पिता
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017