भारत ने अमेरिका से लिया देवयानी का बदला, अमेरिकी राजनयिक को किया निष्कासित

By: | Last Updated: Friday, 10 January 2014 4:06 PM

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच पिछले एक महीने से चला आ रहा राजनयिक विवाद शुक्रवार को और गहरा गया. वीजा धोखाधड़ी मामले में भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के खिलाफ आरोप तय होने और उन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए कहे जाने के कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने सख्त संदेश देते हुए जवाबी कार्रवाई की और एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को निष्कासित कर दिया.

 

आधिकारिक सूत्र ने कहा कि अमेरिकी दूतावास से कहा गया है कि वे ‘देवयानी के समकक्ष अमेरिकी राजनयिक को स्वदेश लौटने के लिए कह दें.’

 

सूत्र ने कहा, “हमें इस पर भरोसा करने का कारण है कि वह अधिकारी देवयानी से जुड़ी पूरी प्रक्रिया और उसके बाद अमेरिका की एकतरफा कार्रवाई में शामिल था.”

 

इस मसले पर अभी अमेरिकी दूतावास की टिप्पणी नहीं मिल पाई है. निष्कासित किए गए अमेरिकी राजनयिक का नाम भी अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है.

 

मामला

 

वीजा धोखाधड़ी मामले में देवयानी (39) 12 दिसंबर को गिरफ्तार की गई थीं. उस वक्त वह न्यूयार्क में उप महावाणिज्यदूत के पद पर तैनात थीं, इस वजह से उन्हें सीमित कूटनीतिक छूट मिली हुई थी. हालांकि अब अमेरिकी सरकार ने देवयानी की संयुक्त राष्ट्र में नियुक्ति को मंजूर कर लिया है जिससे उन्हें पूरी कूटनीतिक छूट मिलेगी.

 

देवयानी पर वीजा के लिए घरेलू सहायिका गलत दस्तावेज देने और अमेरिकी श्रम कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया. बताया जाता है कि गिरफ्तारी के बाद हथकड़ी लगाई गई, कपड़े उतारकर उनकी तलाशी ली गई, आम अपराधियों की तरह बर्ताव किया गया जिससे भारत और अमेरिका के बीच तल्खी बढ़ गई थी. बाद में उन्हें 25 हजार डॉलर के मुचलके पर रिहा किया गया.

 

सच्चाई यह है कि भारतीय मूल के एक अमेरिकी अभियोजक प्रीत भरारा ने देवयानी को कोई भी सुविधा दिए जाने से इंकार किया था.

 

देवयानी पर यह कार्रवाई उनकी घरेलू सहायिका संगीता रिचर्ड के मानवाधिकार निकाय में कम वेतन मिलने और खराब व्यवहार की शिकायत के बाद की गई.

 

अधिकारियों के मुताबिक, जिस अमेरिकी राजनयिक को देश छोड़ने के लिए कहा गया है उसने संगीता रिचर्ड के पति और दो बच्चों को देवयानी की गिरफ्तारी से दो दिन पहले भारत से न्यूयार्क जाने में मदद की थी.

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने इससे पहले दिन में कहा था कि देवयानी खोबरागड़े के पास पूर्ण राजनयिक छूट सहित जी1 वीजा है और वह भारत लौट रही हैं.

 

अभियोजक ने कहा कि अमेरिका के ग्रैंड जूरी ने जैसे ही औपचारिक रूप से देवयानी पर आरोप तय किया. अमेरिका ने मुकदमा चलाने के लिए भारत से राजनयिक छूट समाप्त करने के लिए कहा लेकिन भारत ऐसा करने से इंकार दिया. इसके बाद देवयानी को अमेरिका छोड़ने के लिए कह दिया गया.

 

इस बीच देवयानी ने कहा कि वह निर्दोष हैं और उनके ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं. उन्होंने भारत सरकार के प्रति विशेषकर विदेश मंत्री और भारत की जनता, मीडिया का इस कठिन समय में लगातार समर्थन और सहयोग देने के लिए भी आभार व्यक्त किया.

 

उधर देवयानी के पिता उत्तम खोबरागड़े ने देवयानी के स्वदेश लौटने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों के कारण उनकी बेटी पूरी राजनयिक उन्मुक्ति के साथ भारत लौट रही है.

 

भारत ने इस मसले पर अमेरिका से मांग की थी कि वह देवयानी पर लगाए गए आरोप वापस ले और इस कृत्य के लिए बिना शर्त माफी मांगे. लेकिन अमेरिका ने ऐसा करने से इंकार कर दिया, जिसके चलते दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं.

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Web Title: भारत ने अमेरिका से लिया देवयानी का बदला, अमेरिकी राजनयिक को किया निष्कासित
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