विधेयक पर संसद की मुहर, तेलंगाना बनेगा 29वां राज्य

By: | Last Updated: Thursday, 20 February 2014 4:45 PM
विधेयक पर संसद की मुहर, तेलंगाना बनेगा 29वां राज्य

नई दिल्ली/हैदराबाद. संसद ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश को विभाजित कर देश के 29वें राज्य के रूप में तेलंगाना के गठन को मंजूरी दे दी. हंगामे के बीच आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित कर दिया गया.

 

राज्यसभा से विधेयक पारित होने की घोषणा होते ही हैदराबाद सहित तेलंगाना के विभिन्न हिस्सों में खुशी की लहर दौड़ गई. लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी और आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया.

 

तेलंगाना राष्ट्र समिति ने विधेयक पारित होने पर हर्ष जाहिर करते हुए कहा कि अंतत: तेलंगाना के लोगों का सपना साकार हुआ.

 

बुधवार को विपक्ष की ओर से कई संशोधन प्रस्ताव रख दिए जाने के कारण सरकार कठिनाई में घिर गई और उसके बाद सरकारी खेमे ने विपक्ष को मनाने के लिए एंड़ी चोटी का जोर लगाया. कई बैठकों और मान मनौव्वल के बाद सहमति बन पाई.

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हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही में कई बार व्यवधान उत्पन्न हुआ और कार्यवाही स्थगित भी की गई. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए सीमांध्र (तटीय आंध्र और रायलसीमा) के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की.

 

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और डीएमके के सदस्यों ने विधेयक पारित होने से पहले सदन से बहिर्गमन किया, जबकि शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने विधेयक का विरोध किया.

 

सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने चर्चा के दौरान सभापति की आसंदी के सामने ‘आंध्र प्रदेश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ के नारे लगाए.

 

कांग्रेस सदस्यों के सुरक्षा घेरे में सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सीमांध्र क्षेत्र को पांच वर्षो तक विशेष पैकेज देने का आश्वासन दिया.

 

उन्होंने कहा, “केंद्रीय सहायता के लिए 13 जिलों वाले शेष आंध्र प्रदेश को पांच वर्षो तक विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा. इससे राज्य की वित्तीय स्थिति अत्यंत मजबूत होगी.”

 

विधेयक पारित होने से पहले विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि कानून एवं व्यवस्था से संबंधित शक्तियां राज्यपाल को दिए जाने के प्रस्ताव के बारे में संविधान संशोधन की जरूरत है. लेकिन सरकार इससे सहमत नहीं हुई.

 

जेटली ने कहा कि आंध्र प्रदेश का बंटवारा कर तेलंगाना के गठन का फैसला ‘कानूनी रूप से सही है.’

 

उन्होंने सवाल किया, “कानून एवं व्यवस्था राज्य का विषय होता है. राज्यपाल केंद्र सरकार का प्रतिनिधि होता है. क्या आप बिना संशोधन यह (कानून एवं व्यवस्था) उन्हें सौंपेंगे?”

 

इससे पहले चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा सदस्य वेंकैया नायडू और प्रकाश जावड़ेकर ने संशोधन प्रस्ताव पेश किए.

 

केंद्रीय पर्यटन मंत्री के. चिरंजीवी ने हैदराबाद को अगले 10 वर्षो तक केंद्रशासित प्रदेश बनाने का सुझाव दिया. उनहोंने राज्य बंटवारे के लिए सभी राजनीतिक दलों को कोसा.

 

बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने विधेयक का समर्थन करते हुए सीमांध्र और तेलंगाना दोनों के लिए विशेष वित्तीय पैकेज दिए जाने की मांग की.

 

विधेयक पारित होने के बाद संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पिछले 60 वर्षो से तेलंगाना की मांग चली आ रही थी.

 

गृह मंत्री सुशीलकुमार शिंदे ने कहा कि कई दलों की मदद से विधेयक पारित हुआ है.

 

उल्लेखनीय है कि देश का 29वां राज्य तेलंगाना तेलुगूभाषी लोगों के लिए अब दो राज्य हो जाएगा. इसमें हैदराबाद सहित 10 जिले होंगे. तेलंगाना के अलग हो जाने के बाद अब आंध्र प्रदेश में 13 जिले रह जाएंगे. 10 साल तक दोनों राज्यों की राजधानी हैदराबाद रहेगी.

 

1.14 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला और 3.52 करोड़ की आबादी वाला तेलंगाना राज्य बनने के बाद आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से देश का 12वां सबसे बड़ा राज्य होगा.

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Web Title: विधेयक पर संसद की मुहर, तेलंगाना बनेगा 29वां राज्य
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