खास रिपोर्ट | क्या मैरिटल रेप पर बनेगा कानून?

By: | Last Updated: Monday, 20 July 2015 5:06 AM
ABP News Special: Will there be a law for marital rape?

बलात्कारी सिर्फ बलात्कारी होता है और वो बलात्कारी पति भी हो सकता है. जी हां , देश में महिलाओं की स्थिति और सशक्तिकरण के लिए हाल ही में पैम राजपूत कमेटी ने महिला और बाल विकास मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी थी. रिपोर्ट में ये सिफारिश की गई है कि वैवाहिक बलात्कार यानी मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में रखा जाए. मतलब पति के खिलाफ भी बलात्कार का मामला दर्ज हो सकता है और उसे सजा भी हो सकती है. मंत्रिमंडल की साझा बैठक में रिपोर्ट रखी जाएगी.

 

रिपोर्ट्स पर एक नज़र

यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फंड की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 15 से 49 साल की दो तिहाई शादीशुदा महिलाओं के साथ मारपीट होती है और उनसे जबरन शारीरिक संबंध बनाया जाता है.

 

International Center for Research on Women से जारी 2011 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पांच में से एक पुरुष अपनी पार्टनर या पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है. इनके अलावा National Family Health Survey भी बताते हैं कि महिलाएं सबसे ज्यादा पतियों के ही यौन हिंसा की शिकार बनती हैं.

ये आंकड़े चौंकानेवाले हैं लेकिन इस पर समाज ने खामोशी ओढ़ रखी है. कानून के हाथ बंधे हैं और पति के बलात्कार की शिकार महिलाओं के लिए दुनिया के सारे दरवाजे बंद हैं.

 

सवाल ये है कि क्या वैवाहिक बलात्कार पर कोई कानून बन सकेगा? क्या पति के बलात्कार की शिकार महिलाओँ को इंसाफ मिलेगा- देखिए ये खास रिपोर्ट ‘बंद दरजावा’.

 

अपने ही घर में, अपने ही परिवार के बीच, अपने ही पति के जुल्म और बलात्कार की शिकार बनती हैं कई महिलाएं और बंद दरवाजों के पीछे का ये डरावना सच कभी सामने नहीं आता. हम आपको सुनाते हैं दिल्ली की उस लडकी की कहानी जिसने शादी के लिए अपना धर्म और परिवार तक छोड़ दिया- लेकिन इसके बदले उसे मिली बर्बादी.

 

रौशनी (काल्पनिक नाम) ने सोचा था कि शादी के बाद उसकी जिंदगी खुशहाल होगी लेकिन पति की असलियत जानकर वो सकते में आ गई. उसके साथ पति ऐसा सलूक करने लगा जैसे वो कोई दुश्मन हो. रोशनी के मुताबिक उसके पति का उसकी भाभी से नाजायज संबंध था. वो जब भी इस बारे में पति को टोकती थी तो वो बौखला जाता था- एक रात तो हद ही हो गई.

 

रोशनी के लिए सबकुछ असहनीय होता जा रहा था- लेकिन वो अपना दर्द कहती तो किससे- कोई उसकी सुनने को तैयार नहीं था. रोशनी के सब्र का बांध अब टूटने लगा था- और एक दिन ऐसा आया जब उसे पति का घर छोड़ना पड़ा.

 

रोशनी ने पति के खिलाफ सिर्फ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करवाया है. उसके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं हुआ क्योंकि इसके लिए कोई कानून ही नहीं है. रोशनी दो दो साल से इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है… वो भी अकेले.

 

वैवाहिक बलात्कार को लेकर समाज और सरकार में बैठे लोगों की सोच क्या है? इसे अपराध की श्रेणी में रखना क्यों जरूरी है? इन सवालों का जबाव उनसे बेहतर कौन दे सकता है जो महिलाएँ खुद इस पीड़ा से गुजरी है. जिन्होंने खुद पति के इस घिनौने जुल्म को सहा है. आइए हम आपको सुनाते हैं उस महिला की जो आपबीती जो अपने ही पति के चंगुल से भागकर दुबई से दिल्ली पहुंची.

 

दुबई की चमकदमक और पति को छोड़कर दिल्ली लौट चुकी रिया अब जिंदगी के नए मकसद तलाश रही है. सिर्फ उन्नीस साल की उम्र थी जब रिया ने पारिवारिक परेशानियों और दबाव में आकर एक युवक से शादी कर ली. युवक संपन्न परिवार से था. शादी के बाद रिया पति के साथ दुबई चली गई. दुबई में उसका पति रिया को नजरअंदाज करने लगा, बात बात में चिढ़ने लगा, मारपीट करने लगा. रिया पर तरह तरह की पाबंदियां लगाने लगा.

 

रिया बताती है कि ‘वो मुझपर ऐसे नियम लगाने लगा कि तुम अपने दोस्तों से बात नहीं कर सकती.’ उसका अत्याचार और बढ़ने लगा. रिया का पति इस बात से बौखलाया हुआ था कि वो वापस अपने घर जाना चाहती है. एक रोज जब रिया अपनी सहेली से मिलकर लौटी तो उसने सारी हदें पार कर दी. वो धमकाने लगा कि तुम कैसे किसी से मिल सकती हो. इसके बाद उसने रिया को  बेल्ट से मारने भी लगा.

 

रिया के मुताबिक एक दिन उसे पता चला कि उसका पति का किसी और लडकी से नाजायज संबंध है. इस बारे में पूछने पर वो बौखला जाता था. दूसरी तरफ बदनामी से बचने के लिए वो ये भी नहीं चाहता था कि तलाक ले या वापस अपने घर लौट जाए और फिर इसी नापाक इरादे से उसने रिया से जबरन शारीरिक संबंध बनाए ताकि वो गर्भवती हो जाए.

 

रिया बताती है, ‘2007 में हम सिंगापुर गए थे ट्रिप पर. वहां किसी का फोन आया. वे लोग मेरे बारे में बात कर रहे थे. उसके बाद वो अंदर आया और मेरे साथ बलात्कार किया. ऐसा उसने मुझे प्रेग्नेंट करने के लिए किया ताकि मैं उसे छोड़कर ना जा सकूं. उसने ऐसा एक बार 2009 में और दूसरी बार फिर 2010 में किया.

 

रिया पति के हर जुल्म को सहने को मजबूर थी. उसने परिवारवालों और कुछ करीबी लोगों को सबकुछ बताया था- लेकिन किसी ने ये समझने की कोशिश नहीं कि बंद दरवाजे के पीछे उसके साथ कैसा घिनौना सलूक हो रहा है. रिया ने बताया, ‘आखिर में मैंने अपने परिवार से और अपने दोस्तों से संपर्क किया ……मेरे खुद के मां बाप ने नहीं समझा.’

 

परिवारवालों की बेरूखी और पति के जुल्म के बीच रिया अकेली पड़ चुकी थी लेकिन एक रोज वो अपनी एक सहेली और एक स्वयंसेवी संस्था की मदद से अकेले दुबई से दिल्ली लौटने में कामयाब हो गई. इसके बाद भी रिया के पति और परिवारवालों ने ये जानने की कोशिश नहीं कि वो किस हालत में है. इस बीच रिया के पति ने दूसरी शादी भी कर ली- रिया के साथ अब उसकी कड़वी यादों के सिवा कुछ नहीं है.

SPECIAL | बंद दरवाजा | वैवाहिक बलात्कार पर बनेगा कानून? 

वैवाहिक बलात्कार की पीड़ित महिला के आंसूओं को न समाज समझता है और न ही कानून ऐसे बलात्कार को अपराध मानता है. तो क्या ऐसी महिलाओँ के इंसाफ के लिए सारे दरवाजे बंद हैं.

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Web Title: ABP News Special: Will there be a law for marital rape?
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