डॉक्टर प्रिया को किसने मारा?

By: | Last Updated: Monday, 20 April 2015 4:10 PM
AIIMS doctor killed herself

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार किए जाने वाले एम्स की महिला डॉक्टर प्रिया को खुदकुशी क्यों करनी पड़ी. डॉक्टर पति समलैंगिक था लेकिन फिर भी उसने प्रिया से शादी की. क्या वो सच छिपाना चाहता था और वही कोशिश डॉक्टर प्रिया के लिए मौत का सामान बन गई. क्या ये सब कुछ समाज के दबाव का असर तो नहीं कि तलाक की बजाए प्रिया ने मौत चुन ली. बड़े सवाल हैं इस दर्दनाक कहानी में.

 

जिस दिल्ली में प्रिया ने घर बसाया था उस दिल्ली ने सुनीं मां की चीखें. और जिस छोटे से शहर से कभी प्रिया जिंदगी को नए सिरे से जीने निकली थी उस जयपुर ने सुना मातमी सन्नाटा. एम्स की डॉ प्रिया की मौत की ऐसी कहानी है जिसने समाज के डर से छिपाए गए उन पन्नों को आम कर दिया है जिसमें उलझ कर रह गईं उनकी सांसें.

 

पूरे पांच साल तक डॉ प्रिया के खूबसूरत चेहरे पर खिलने वाली खूबसूरत मुस्कान हर रोज बदसूरत होती जा रही जिंदगी को समाज के सामने नहीं आने दिया – वो घुटती रहीं लेकिन मुस्कुराती रहीं. फिर 19 अप्रैल को सामने आई एक झकझोर देने वाली खबर.

 

दिल्ली के पहाड़गंज के होटल के कमरा नंबर 302 डॉ प्रिया ने अपनी जिंदगी के आखिरी लम्हे बिताए और खुदकुशी का सबसे कमजोर रास्ता चुन लिया. अपने ही जिस्म में ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाली बेहोशी की दवा की हेवी डोज दाखिल कर दी और फिर पुलिस को मिली डॉ प्रिया की लाश.

 

डॉक्टर प्रिया ने ये कदम क्यों उठाया?  आखिर समाज से उसे क्या डर था?  ये वो सवाल हैं जो खुदकुशी के बाद उठ खड़े हुए हैं. मरने से पहले डॉक्टर प्रिया ने तीन काम किए. पहला अपने पिता और भाई को फोन करके ये कहा कि अब उन्हें ये जिंदगी मंजूर नहीं है. दूसरा उन्होंने फेसबुक पर अपनी जिंदगी के उस राज को सरेआम कर दिया जिसे वो छिपाती रही थी और तीसरा वो सुसाइड नोट जिसकी बिना पर उनके गुनहगार को पकड़ा जा सके.

 

प्रिया किस बात से परेशान थी ?  इसे जानने के लिए आपको कहानी के दूसरे और सबसे अहम किरदार से मिलवाते हैं . डॉ प्रिया के पति डॉ कमल वेदी. वही डॉ कमल वेदी जिनसे उन्होंने पांच साल पहले की थी शादी . शादी परिवार ने कराई थी. जिस शख्स से प्रिया की जिंदगी बांध दी गई वो अब बन गया है उनकी मौत का आरोपी. प्रिया ने फेसबुक पर लिखी अपनी आखिरी पोस्ट में किया है डॉ कमल की जिंदगी का वो खुलासा जो प्रिया के लिए जहर से कम नहीं था.

 

चिट्ठी –

मैं अपने समाज को कुछ याद दिलाना चाहती हूं. मैं पांच साल से शादीशुदा हूं. मेरी शादी डॉक्टर कमल वेदी से हुई है. हमारे बीच कोई शारीरिक संबंध नहीं हैं जैसे किसी आम शादीशुदा जिंदगी में होते हैं.

 

शादी के छह महीने बाद मैंने इस बात की तफतीश शुरू की आखिर क्यों डॉ कमल वेदी मुझसे संबंध बनाने में नाकाम हो रहे हैं. मुझे उनके लैपटॉप पर एक नकली नाम का जी-मेल एकाउंट मिला जिससे वो अपने गे दोस्तों से चैटिंग किया करते थे. उसमे समलैंगिक पोर्न और समलैंगिक तस्वीरें, समलैंगिक समुदाय से संपर्क भी था और ये मैसेज हमारी शादी से पहले के थे.

 

एक महीने पहले उन्होंने मान तो लिया लेकिन ये कहकर कि उन्हें ये नहीं पता कि वो समलैंगिक हैं या बाईसेक्सुअल. मैं जानती हूं कि वो गे हैं क्योंकि मेरे साथ उन्हें उत्तेजना ही नहीं होती थी.

 

डॉ कमल वेदी मैंने तुमसे कभी कुछ नहीं चाहा लेकिन अपनी असामान्य आदत की वजह से तुम्हें ही लगता रहा कि मैं तुमसे सिर्फ संबंध बनाना चाहती हूं. ये गलत है. मैं तो सब स्वीकार करके सिर्फ तुम्हारे साथ रहना चाहती थी. क्योंकि मैंने तुम्हें बहुत प्यार किया था लेकिन तुम इसकी अहमियत ही नहीं समझ पाए. तुम मेरी जिंदगी के गुनहगार हो डॉक्टर कमल वेदी.

 

दोनों के बीच एक बार फिर झगड़ा हुआ था. एम्स के जिस घर में ड़ॉ प्रिया और डॉ कमल रहा करते थे उसे प्रिया ने 18 अप्रैल को ही छोड़ कर पहाड़गंज के होटल प्रेसीडेंसी में कमरा ले लिया. उसी कमरा नंबर 302 से प्रिया ने अपने इस लंबी फेसबुक पोस्ट के अलावा एक सुसाइड नोट भी लिखा. दोनों में प्रिया ने जिक्र किया है कि कैसे उन्होंने कई बरसों तक किसी को कमल की असलियत नहीं बताई थी.

 

प्रिया परेशान थी लेकिन कहती तो किससे. उसने ये बात सारी दुनिया से छिपाई, अपने परिवार से भी. लेकिन ढाई साल पहले डॉ कमल की बहन के जरिए ये बात प्रिया के ससुर को भी पता चल गई कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध जैसी बुनियादी शुरुआत नहीं हो पाई है. 

 

जाहिर है ना सिर्फ प्रिया का परिवार बल्कि डॉ कमल का परिवार इसे मामूली अनबन मानता रहा. उस अरैंज मैरिज को खुशहाल शादीशुदा जिंदगी में बदलने की कोशिश करता रहा. लेकिन प्रिया तो पति के समलैंगिक होने का सच जान चुकी थी तो क्या प्रिया भी इसी दबाव में थी. उनकी आखिरी फेसबुक पोस्ट देखिए

 

चिट्ठी

मैंने संदेह के साथ उनकी बात पर भरोसा कर लिया. उसके बाद उन्होंने आठ से दस बार मेरे साथ संबंध बनाने की नाकाम कोशिश की. मैंने ये बातें किसी को नहीं बताई  क्योंकि मैं उनसे प्यार करती थी और सोचती थी कि एक दिन सब ठीक हो जाएगा. अगर हमारे समाज में कोई इस तरह का शख्स है तो प्लीज किसी लड़की से शादी मत करना. अगर कोई समलैंगिक ऐसा करता है तो वो लड़की भावनाओं के साथ-साथ उसकी और उसके परिवार की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करता है. डॉ कमल वेदी मैंने कभी आपसे कुछ नहीं चाहा, मैं सिर्फ आपके साथ रहना चाहती थी क्योंकि आपसे बेइंतहां मोहब्बत करती थी. आप इसको कभी नहीं समझ पाओगे. आप एक अपराधी हो. डॉ वेदी मैं आपको बहुत प्यार करती हूं, लेकिन आपने मुझसे सारी खुशी छीन ली. आप एक शैतान हो जिसने मेरी जिंदगी मुझसे छीन ली.

 

सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर डॉ कमल वेदी को अपनी समलैंगिकता का पता था तो फिर उन्होंने डॉ प्रिया से शादी ही क्यों की. दरअसल इसके पीछे भी है समाज की मानसिकता. हमारे देश में कानून और समाज दोनों ही समलैंगिकता के खिलाफ हैं. ऐसे में क्या डॉक्टर कमल वेदी जैसा पढ़ा लिखा डॉक्टर भी खुद को समाज के सामने वैसा पेश नहीं करना चाहते थे जैसे कि वो थे.

 

जयपुर की प्रिया एक मध्यवर्गीय परिवार की रहनेवाली थी. उसके पिता दर्जी का काम करते हैं. लेकिन पढ़ाई के दम पर ना सिर्फ उसने डॉक्टरी की पढ़ाई की बल्कि एम्स जैसे देश के नामी अस्पताल में एनस्थीसिया यानी ऑपरेशन से पहले मरीज को बेहोश करने जैसा संवेदनशील काम भी करने लगी. पिता ने रिश्ता तलाशा तो उसे चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ कमल जैसा पढ़ा लिखा पति भी मिल गया. उन्होंने तय कर लिया कि वो ये रिश्ता जरूर निभाएंगी लेकिन बदले में उन्हें क्या मिला.

 

चिट्ठी

उस घटना के बाद उन्होंने मेरे परिवार और मुझमें खोट निकालनी शुरू कर दी. मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा. मैं पिछले साल से उनकी पत्नी की टैग की तरह उनके साथ रही. उन्होंने मुझे हर छोटी चीज के लिए तरसाया. यही नहीं परिवार वालों का आरोप है कि डॉ कमल ने प्रिया को मारने कोशिश भी की थी.

 

जो लड़की हर हाल में डॉ कमल का साथ निभाने को तैयार हो गई थी उसके साथ डॉ कमल ने ऐसा क्यों किया. क्या उन्हें इस बात का डर था कि उनके समलैंगिक होने की खबर आम हो जाएगी और समाज में उनकी स्थिति खराब हो जाएगी. दूसरी तरफ क्या प्रिया के जहन में भी समाज ही दीवार बनकर तो नहीं खड़ा था?

 

प्रिया की मौत उसके परिवार को कभी ना भूलने वाला दर्द दे गई है. पुलिस अब डॉ कमल और उनके उन दोस्तों से पूछताछ करने जा रही है जिनका जिक्र डॉ प्रिया ने अपने सुसाइड नोट में किया है.

 

दिल्ली पुलिस के लिए ये एक ऐसा केस है जिसमें दहेज और प्रताड़ना की धाराएं डॉ प्रिया को न्याय दिलाने की कोशिश करेंगी. परिवार के लिए ये एक कभी ना मिटने वाला अफसोस बन गया है. लेकिन सवाल उन लड़कियों का है जो रिश्तों के किसी ऐसे ही जाल में उलझा दी जाती हैं. गलती किसकी है और हल क्या है?

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