जर्मन बेकरी ब्लास्ट में हिमायत बेग ब्लास्ट के आरोप से बरी

By: | Last Updated: Thursday, 17 March 2016 6:50 PM
Bombay HC quashes death sentence of German Bakery blast case convict

मुंबईः  पुणे के जर्मन बेकरी ब्लास्ट मामले में ब्लास्ट के मास्टरमाइंड मिर्ज़ा हिमायत बेग के फांसी के खिलाफ अर्जी पर आज बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया. हिमायत बेग को ब्लास्ट के आरोप से बरी किया लेकिन विस्फोटक रखने और दस्तावेज से छेड़छाड़ का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई. गौरतलब है की ब्लास्ट के दोषी हिमायत बेग को पुणे के सेसंन कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी.

आपको बता दें कि पुणे के जर्मन बेकरी में 10 फरवरी 2010 को बड़ा धमाका हुआ था जिसमे 17 लोगो की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे.

सेसन कोर्ट से फ़ासी की सजा सुनाए जाने के बाद हिमायत बेग ने हाई कोर्ट में सजा के खिलाफ अपील की थी. हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान 2 गवाहों ने एटीएस पर जबरन गवाही लेने का आरोप लगाया.

सरकारी पक्ष ने बताया की धमाके में इस्तेमाल हुआ आरडीएक्स और बेग के घर से मिले आरडीक्स के कुछ अंश एक ही थे. जर्मन बेकरी के बाहर लगाए सीसीटीवी तस्वीरों को भी सबूत के तौर पर पेश किया गया. कोर्ट ने माना की हिमायत का बम रखने में या ब्लास्ट में कोई भूमिका नहीं है. लेकिन वह घर से मिले विस्फोटक का दोषी पाया गया .

बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले से यह साफ़ हो गया है की हिमायत बेग को फांसी नहीं होगी. उम्र कैद की सजा के खिलाफ हिमायत बेग अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खट खटायेगा .

Crime News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Bombay HC quashes death sentence of German Bakery blast case convict
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017