'ॐ नम: शिवाय' का स्टीकर लगा हो तो अवैध गाड़ियां भी चलती जाएं!

By: | Last Updated: Monday, 24 November 2014 11:12 AM
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नई दिल्ली: वैसे तो किसी भी ट्रांसपोर्ट वेहिकल पर देवी-देवताओं की तस्वीर या मूर्ति का लगा होना आम बात हैं क्योंकि अपनी सफल-सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना तो सभी करते है लेकिन जब यह अवैध गाडियों के नो एंट्री में नॉनस्टाप एंट्री का जरिया बन जाएं तो क्या कहना?

 

जी हां! दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इन दिनों अपने अवैध कारोबार के लिए इन्ही संकेतो का सहारा ले रहीं है. इन दिनों दिल्ली में अवैध गाडियों को मंथली लेकर एक ऐसा ही स्टीकर दिया जाता जिसमें भगवान शिव की ‘ॐ नम शिवाय’ लिखी तस्वीर, ‘जय माता दी’ या ऐसे ही कुछ संकेत होते हैं जिसके लगे होने से इन गाड़ियों को नो इंट्री में भी बड़ी बड़ी लोडेड गाडियां ले जाने की परमिट मिल जाती है और इसे रोकने की हिम्मत किसी पुलिसवाले में नही होती है.

 

एबीपी न्यूज़ संवाददाता ने जब एक ट्रक ड्राइवर से बात की तो उसने बताया कि ऐसे स्टिकर उनके मालिक लाकर उन्हें देते है और यह संकेत होता है कि कोई भी पुलिसवाले इस गाड़ी को नहीं रोकेंगे.

 

इस मामले की तह में जाने के लिए जब एबीपी न्यूज़ के संवाददाता और कैमरामैन NH-1 पर गए तो वहां पाया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी बिना स्टीकर की गाडी को रोक रहे है जबकि स्टीकर वाली गाडियों को खुलेआम जाने दे रहे है. जब एबीपी न्यूज़ का कैमरा उनके पास पहुंचा तो ट्रैफिक वाले रेलिंग फांद कर भाग गए.

 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा दिया गया यह निशान हर महीने चेंज होता है. इस महीने अवैध गाडियों के लिए यह निशान भगवान शिव की ‘ॐ नम शिवाय’ लिखी तस्वीर है जबकि अक्टूबर में जय माता दी तो वहीं सितम्बर में चाबी का छल्ला पहचान था. जिस भी गाडी पर ये ॐ नम शिवाय लिखा शिवजी महाराज का बोर्ड लगा होगा उसको कोई ट्रेफिक पुलिस का जवान इस महीने नहीं रोकेगा.

 

दिल्ली पुलिस का ये करोड़ो रूपये का काला कारोबार धड़ल्ले से जारी है. जिसके चलते दिल्ली में दिन के वक्त भी अवैध गाडियों की भरमार रहती है. नो इंट्री में भी बड़ी-बड़ी लोड गाडिया खुलेआम सडको पर चलती है. 

ट्रैफिक पुलिस के जवान उन गाडियों को रोकते तक नहीं है क्योंकि उन गाडियों से महीने भर की रिश्वत पहले ही ले ली जाती है और पहचान के लिए एक स्टीकर इश्यु किया जाता है. पुलिस के जवानो को इसकी अलग से पहचान से अवगत करा दिया जाता है.

 

इस तरह दिल्ली ट्रेफिक पुलिस जमकर अवैध वसूली करती है. अलीपुर नरेला इलाके में देखिये रोड पर कैसे पुलिस कर्मी गाडियों को चैक करते और स्टीकर वाली गाडी को रोकने की हिम्मत नहीं कर पाते है.

 

यदि आपको भी अपनी गाडी के लिए ऐसा स्टीकर चाहिए तो राजधानी में बाकायदा इसके लिए दलाल काम करते है. एबीपी न्यूज़ के पास ऐसे दलालों के नम्बर भी है. जो स्टीकर दिलाने की दलाली का काम करते हैं. बड़े बड़े ट्रांसपोर्टर जिनकी सैकड़ो गाडिया चलती है वे इन दलालों से स्टीकर लेकर धडल्ले से गाडि़या चलाते है. इतना ही नहीं जब इस खबर का ट्रैफिक के अधिकारियो को पता चला तो हमे खबर न चलने के लिए भी कहा गया.

 

इस तरह से दिल्ली पुलिस का ये काला कारोबार जारी है और वो भी खुलेआम. इन गाड़ियों को जी टी रोड पर पूरी आजादी होती है की ये एक्सिडेंट करे या ट्रैफिक कानूनों की धज्जिया उड़ाए. अधिकारियों को भी सब मालूम होता है. ये सांठ गांठ उपर तक होती है.

 

अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ट्रैफिक पुलिस के जवान निडर होकर ऐसी गाडियों को छुट देते है. तो कैसे बंद होगा दिल्ली पुलिस का यह अवैध खेल? जो पुलिस के लिए नही बल्कि जनता के लिए चिंता का सबब बन गया है.

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