न्यायाधीश यौन उत्पीड़न: मीडिया को दूर रहने का निर्देश

By: | Last Updated: Tuesday, 28 October 2014 2:50 AM
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नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश के खिलाफ एक पूर्व अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा दायर कथित यौन उत्पीड़न मामले की अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिग करने से मीडिया को रोक दिया.

 

न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की खंडपीठ ने सुनवाई के लिए यह मामला 30 अक्टूबर को अदालत में लाने का निर्देश देते हुए कहा, “मीडिया/प्रेस को निर्देश दिया जाता है कि अंतिम फैसला दिए जाने तक वह इस मामले की कार्यवाही की खबर प्रकाशित या प्रसारित न करे.”

 

सर्वोच्च न्यायालय ने 29 अगस्त को अपने आदेश में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश के खिलाफ ग्वालियर की पूर्व जिला न्यायाधीश द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप की जांच स्थगित रखने का निर्देश दिया था.

 

पूर्व महिला न्यायाधीश ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित जांच कमेटी का यह कहकर विरोध किया था कि इस कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अजित सिंह को बनाया गया है, जिन्होंने उनका स्थानांतरण ग्वालियर से दूर सीधी जिले में कर दिया था.

 

पूर्व महिला न्यायाधीश ने तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश आर.एम. लोढ़ा (अब सेवानिवृत्त) से जांच के लिए तीन न्यायाधीशों की कमेटी गठित करने की अपील की थी, जिसमें मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से इतर किसी अन्य राज्य के मुख्य न्यायाधीश तथा न्यायाधीश हों.

 

उन्होंने अपने पद पर बहाली की मांग भी की, जिसे कथित यौन उत्पीड़न की घटना के कारण छोड़ने को वह बाध्य हुई थीं.

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