कासिम ज़िंदा पकड़ा गया, पांच अभी भी फिदायीन हमले की फिराक में

By: | Last Updated: Thursday, 6 August 2015 4:35 AM
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नई दिल्ली: खुफिया सूत्रों का दावा कि आतंकी कासिम खान और दूसरे 7 आतंकियों ने ईद से पहले घुसपैठ की थी, जिसमें एक मारा गया, कासिम ज़िंदा पकड़ा गया, जबकि पांच अभी भी फिदायीन हमले की फिराक में हैं.

 

सूत्रों का कहना है कि कासिम के साथी आतंकी जो सुरक्षाबलों की पकड़ से बाहर हैं, ये सभी फिदायीन हैं और कभी भी बड़े धमाके को अंजाम दे सकते हैं.

 

कल ही  भारत को आतंक के खिलाफ जंग में दूसरी बार मिला है पाकिस्तान की नापाक हरकतों का जिंदा सबूत. सात साल बाद किसी आतंकी हमले में भारत ने दूसरी बार एक आतंकी को जिंदा पकड़ने में कामयाबी हासिल की है. इससे पहले मुंबई में 26/ 11 के हमले को अंजाम देते वक्त अजमल आमिर कसाब नाम का पाकिस्तानी आतंकवादी पकड़ा गया था.

 

5 अगस्त, 2015

ऊधमपुर में बीएसएफ की टुकड़ी पर हमला हुआ. बीएसएफ जवानों की बस को निशाना बनाया गया. दो जवान शहीद हो गए.

 

26/11/2008

 

7 साल पहले साल 2008 में मुंबई पर हुआ खौफनाक 26/11 का हमला. होटल ताज, होटल ट्राईडेंट और सीएसटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर गोलियां बरसाकर आतंकियों ने 164 लोगों को मौत की नींद सुला दिया था.

 

इन दोनों कहानियों का जिक्र एक साथ इसलिए क्योंकि इन दोनों कहानियां का आगाज भी एक है और अंजाम भी. अंजाम ये कि दोनों ही हमलों को अंजाम देने वाले आतंकी जिंदा भारतीय सुरक्षा बलों की गिरफ्त में आ गए.

 

उधमपुर के हमले में जिंदा पकड़ा गया है उस्मान उर्फ कासिम खान और तब जिंदा गिरफ्त में आ गया था अजमल आमिर कसाब.

 

आतंक की साजिश के इन दोनों किरदारों के तार पाकिस्तान की सरहद पर पलने वाले आतंक से ही नहीं जुड़े हैं बल्कि दोनों पाकिस्तान के इस तीसरे सबसे बड़े जिले से नाता रखते हैं, जिसका नाम है फैसलाबाद – यानी आगाज भी एक है.

 

ऊधमपुर में पकड़े गए इस आतंकवादी की जुबान से निकला है उसका नाम और पता ठिकाना. उस्मान उर्फ कासिम खान नाम का ये आतंकवादी ने खुद बताया कि वो भारत कैसे आया था.

 

यही नहीं उसने ये भी बतया है कि भारत में आने के बाद उसने अपने रहने खाने पीने और साजिश को अंजाम देने के लिए आखिर क्या किया.

 

खून खराबे का इरादा और मर मिटने की सीख लेकर भारत में सरहद पार से भेजा गया ये आतंकी अपने बारे में और भी बहुत कुछ उगल चुका है.

 

उस्मान कुपवाड़ा के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था. उसे भारत में दाखिल हुए करीब 12 दिन हो चुके थे. उस्मान फैसलाबाद के गुलाम मुस्तफाबाद इलाके का रहने वाला है. उसकी उम्र करीब 20 साल बताई जा रही है.

 

अब तक उस्मान के बारे में जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक पाकिस्तान के फैसलाबाद में रहने वाले उस्मान के पिता का नाम याकूब खान है और उसके दो भाई और एक बहन हैं. उस्मान उर्फ कासिम खान का एक भाई पाकिस्तान में लेक्चरर है तो दूसरा होजरी का काम करता है. यानी कासिम की माली हालत किसी मध्य वर्गीय परिवार जैसी है.

 

उस्मान से जब पूछा गया कि क्या तुम्हें आतंक के बदले पैसा मिलता है तो उसका जवाब हैरान करने वाला है.

 

दुनिया के सामने ना सिर्फ उस्मान उर्फ कासिम खान की ये तस्वीरें आईं हैं बल्कि उसका सच भी अब दुनिया के सामने आ रहा है.

 

पूछताछ में उस्मान ने अपना असली नाम मोहम्मद नवेद बताया है. उसके साथ हमला करने वाले दूसरे आतंकी का नाम मोमिन उर्फ नोमान है. उसने ये भी बताया है कि वो पिछले महीने पहले कश्मीर घाटी जाने के लिए आया था लेकिन संपर्क ना हो पाने की वजह से वो ऊधमपुर पहुंच गया.

 

अजीत डोभाल ने पीएम से बातचीत की: सूत्र

पाकिस्तानी आतंकी को जिंदा पकड़े जाने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने की प्रधानमंत्री से बात की. सूत्रों के मुताबिक NSA ने पीएम को आतंकी के पकड़े जाने की जानकारी दी.

 

सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में पाकिस्तानी आतंकवादी के जिंदा पकड़े जाने के बाद पहले तो उससे हुई शुरुआती पूछताछ की जानकारी हासिल की. इसके बाद उन्होंने फोन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करके उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक इस बात की पुष्टि हो गयी है कि पकड़ा गया आतंकी उस्मान कासिम खान लश्कर ए तैयबा के फिदायीन मॉड्यूल का सदस्य है और पाकिस्तान के फैसलाबाद से आया है. उसने गांववालों को बंधक बनाने के बाद उनसे भागने में मदद करने को कहा और खाना भी मांगा.

 

क्या हुआ कल

कल सुबह कासिम दो साथियों के साथ बीएसएफ की गाड़ी पर गोलियां चला रहा था. जिसमें दो जवान शहीद हुए और एक आतंकी मारा गया जबकि कासिम जंगल में भाग निकला. कासिम ने पांच लोगों को बंधक बनाया था. जिसमें से तीन तो भाग निकले थे लेकिन दो लोग जो जीजा साले थे उन्होंने इसे पकड़ लिया. इसके बाद सुरक्षा बलों की टुकड़ी पहुंची और तब पाकिस्तान का जिंदा आतंकी हाथ आया. कासिम को पुलिस उधमपुर से जम्मू ले गई है. एनआईए की टीम इससे पूछताछ करेगी.

 

आज सुबह इन आतंकियों ने नेशनल हाइवे पर जा रही बीएसएफ जवानों की गाड़ी पर हमला किया, आपको बता दें ये वहीं हाइवे है जिस पर से अमरनाथ का जत्था गुजरता है. ऐसे में इस बात को लेकर भी आशंकाएं बढ़ गई हैं कि क्या अमरनाथ श्रद्धालु इनके नापाक इरादों के शिकार होने वाले थे?

पाकिस्तानी आतंकी को किसने पकड़ा जिंदा?  

कैसे भारत में आया कासिम?

आतंकी कासिम करीब दस बारह दिन पहले भारत में दाखिल हुआ. एनआईए की टीम कासिम से पूछताछ करने वाली है. कासिम ने कबूला है कि वो पाकिस्तान का रहने वाला है.

 

कसाब के बाद पहली बार भारत में कोई जिंदा आतंकवादी पकड़ा गया है. कासिम को पकड़ने वाले हीरो हैं ये. जीजा-साल की जोड़ी ने आतंकी कासिम खान को जिंदा पकड़ा और सुरक्षा बलों को सौंप दिया.

 

यही है उधमपुर की पहाड़ियों से नीचे लाया जा रहा आतंकी उस्मान उर्फ कासिम खान. कासिम खान साथी आतंकी के साथ 6 दिन पहले पाकिस्तान से आया था. बुधवार सुबह एक आतंकी ने बीएसएफ की बस पर हमला किया और दूसरा आतंकी वहां से भागकर पहाड़ियों पर चला गया और एक गांव में घुसकर पांच लोगों को बंधक बना लिया.

एनिमेशन के जरिए देखें, कैसे आतंकी ने हमले को दिया अंजाम? 

वो दोनों को बंदूक की नोंककर पर उनके घर से 4 किमी दूर ऊपर पहाड़ियों पर जंगल के बीच ले गया. वो भागने का रास्ता ढूंढ रहा था.

 

कौन है कासिम?

जिंदा पकड़ा गया आतंकी कासिम पाकिस्तान के फैसलाबाद का रहनेवाला है और उसका एक नाम नावेद भी है. खुद कासिम ने बताया कि 12 दिन पहले उसने भारत में घुसपैठ की थी. एक नजर कासिम और उसके परिवार के बारे में.

Watch exclusive: पकड़े जाने के बाद आतंकी कासिम की पहली तस्वीर 

उधमपुर से पकड़ा गया आतंकी कासिम अपनी पहचान छुपाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है लेकिन उसकी पहचान स्थापित हो चुकी है.

 

कासिम का असली नाम नावेद है और वो पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर के गुलाम मुस्तफाबाद का रहनेवाला है. कासिम के दो भाई हैं जिनमें से एक लेक्चरर है जबकि दूसरा भाई कपड़े की दुकान चलाता है. कासिम की एक बहन भी है. कासिम की उम्र 20 साल के आसपास है और वो क्या करता था, ये तो अब जगजाहिर हो चुका है.

कासिम ने पूछताछ में बताया है कि उसने करीब एक महीने पहले कश्मीर घाटी में घुसपैठ की कोशिश की थी लेकिन उस समय उसका गाइड उसके पास नहीं पहुंच सका था और इस वजह से वो वापस चला गया. बाद में उसने दोबारा भारत में घुसपैठ की.

जानें, आतंकी को जिंदा पकड़ने से होगा क्या फायदा?  

कासिम जिस दूसरे आतंकवादी के साथ उधमपुर में आया था उसका नाम मोमिन है और वो उधमपुर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया है. मोमिन पाकिस्तान के बहावलपुर का रहनेवाला था.

 

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