सावधान! कहीं एटीएम में फेवी क्विक तो नहीं

By: | Last Updated: Tuesday, 25 August 2015 1:40 PM
police_disclose_gangs_of_atm_thief

भदोही : पुलिस ने एटीएम में  एकदम नये तरीके से लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने 6 आरोपियों को पकडा है ये आरोपी कैंसिल बटन को फेवी क्विक से जाम कर दूसरों के खाते से रुपये निकाल लेते थे. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया. इन जालसाजों पर गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस ने बताया कि पकड़े गए बदमाश गार्ड रहित एटीएम मशीन के कैंसिल बटन में फेवी क्विक डालकर उसे जाम कर देते थे. लोग ट्रांजेक्शन करने के बाद कैंसिल बटन दबाकर निकल जाते थे, लेकिन बटन जाम होने के कारण प्रोसेस कैंसिल नहीं हो पाता था. जालसाज तुरंत उस अकाउंट से पैसे की निकासी कर लेते थे. इसके अलावा ये मशीन को हैंग करके भी रुपये निकाल लेते थे.

 

पुलिस के अनुसार ये जालसाज लोगों का एटीएम कार्ड बदलकर भी उन्हें चूना लगाते थे और कई बार असलहा के बल पर डरा-धमका कर भी पैसे निकलवा लेते थे.

 

जालसाजों ने पिछले दिनों भदोही में यूको बैंक तथा गत 21 अगस्त को ज्ञानपुर के एसबीआई समेत जिले के अन्य क्षेत्रों के बैंकों के एटीएम से पैसा उड़ाने की बात कबूल की है. गिरोह का मास्टरमाइंड प्रदीप कुमार हरिजन ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के गोपीपुर का निवासी है. उसके साथ सुंदरपुर का विकास मिश्रा, चकटोडर का नीरज तिवारी, गोपीगंज थाना क्षेत्र के भावसिंहपुर गांव का ऋषु कुमार गौतम, चकसुंदर निवासी विवेक पांडेय तथा खेमईपुर निवासी गौरव तिवारी शामिल हैं.

 

गिरोह के सरगना प्रदीप के पिता रघुनाथ उर्फ पप्पू मिस्त्री ने पूछताछ के दौरान बरामद रकम को अपनी कमाई बताया. लेकिन बाद में उसने और उसके बेटे ने अपराध कबूला और बताया कि इस तरह की अवैध कमाई का जो भी पैसा आता था, गिरोह के सदस्य उसी के घर में रखते थे. मामला रफा-दफा हो जाने पर आपस में बांट लिया जाता था.

Crime News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: police_disclose_gangs_of_atm_thief
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: ATM LOOT bhadohi
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017