नया फर्जीवाड़ा: फर्जी पते की गाड़ी में घूमतीं हैं राधे मां

By: | Last Updated: Thursday, 13 August 2015 3:05 PM
radhe maa car controversy

मुंबई/नई दिल्ली: विवादों में घिरी स्वघोषित धर्म गुरु राधे मां पर एक और खुलासा हुआ है. जिस काली चमचमाती जगुआर गाड़ी में राधे मां घूमती हैं, वो गाड़ी फर्जी पते पर रजिस्टर है.

 

एबीपी न्यूज ने इसकी पड़ताल करके ये जाना कि ये गाड़ी एमएम मिठाई वाले के बेटे और राधे मां के करीबी संजय गुप्ता की है. ये गाड़ी भिवंडी के एक फर्जी पते पर रजिस्टर है. अब इस मामले में सपोर्ट नामक एक एनजीओ ने ठाणे के क्राइम ब्रांच में शिकायत करके इसकी जांच की मांग की है.

 

MH04 SM 9, जगुआर एक्स जे 3.0 इम्पोर्टेड कार. ये उसी गाड़ी का नंबर है जिसमें राधे मां घूमती है. राधे मां मुंबई से औरंगाबाद , औरंगाबाद से नांदेड इसी गाड़ी में घूमती नजर आयीं थीं.

राधे मां की इस खास गाड़ी में लाल पहिए लगाये गये हैं और गाड़ी की जिस सीट पर राधे मां बैठती हैं उस सीट पर लाल कवर भी चढ़ाया गया है. लेकिन राधे मां की इस खास गाड़ी का सच क्या है एबीपी न्यूज ने इसकी पड़आज इसका खुलास करने जा रहा है.

 

ठाणे आरटीओ में रजिस्टर इस गाड़ी की एबीपी न्यूज ने पड़ताल की तो पता चला की ये गाड़ी एमएम मिठायी वाले के बेटे संजीव गुप्ता के नाम पे रजिस्टर है.  जिस पते पर ये गाड़ी रजिस्टर है वो है किमया अपार्टमेंट, 2nd फ्लोर , नाइक वाड़ी, कोन गांव, भिवंडी, ठाणे

एबीपी न्यूज जब इस पते पर पहुंचा तो पाया कि तंग सकरी गलियों में दो मंजिला इमारत है. इस इमारत को देखकर ऐसा नही लगा कि यहां रहने वाला कोई  शख्स एक करोड़ की इस जगुआर गाड़ी को खरीद सकता.

 

एबीपी न्यूज ने जब इस किमया अपार्टमेंट के मालिक डाक्टर जैन ,उनके परिवार और यहां रहने वाले लोगों से बातचीत की तो पता चला कि संजीव गुप्ता नाम का व्यक्ति न यहां कभी रहता था न रहता है.

 

इस बिल्डिंग के मालिक डॉ जैन ने खुद ये माना कि 1998 में इस इमारत के बनने के बाद से न उन्होंने किसी संजीव गुप्ता नामक व्यक्ति को फ्लैट बेचा न किराये पर दिया. एबीपी न्यूज ने इस इमारत की दूसरी मंजिल पर रहने वाले लोगों से भी बात की. उन्होंने भी संजीव गुप्ता नामक व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी के बारे में इंकार किया.

 

आरटीओ से जब हमने इस पते और नाम के बारे में जानकारी ली तो उन्होंने इस गाड़ी के मालिक का नाम और पता सही बताया. आरटीओ के अधिकारियों ने हमसे कैमरे पर बात करने से इंकार किया लेकिन बताया  कि अक्सर ऐसी बड़ी मंहगी गाड़ियों के लिये ऐसे फर्जी पतो का इस्तेमाल किया जाता है ताकि ऑक्ट्राय और टैक्स में बचत हो सके. ये जगुआर गाड़ी 15 मार्च 2012 को रजिस्टर हुई है और इसकी कीमत भी 9107286 है.

 

आरटीओ अधिकारी ने बताया कि ठाणे में गाड़ी रजिस्टर करने पर मुंबई की तुलना में गाड़ी की कुल कीमत पर 5 फीसदी कम लगती है इससे वैट में भी सहुलियत मिलती है और टैक्स में भी. और इसी के चलते अक्सर इस तरह कि बड़ी गाड़िया मुंबई के बाहर फर्जी पते पर रजिस्टर की जाती हैं. आरटीओ अधिकारी ने बताया इस जगुआर गाड़ी को ठाणे में रजिस्टर करने से गाड़ी के मालिक करीब 5-10 लाख का फायदा जरूर हो सकता है .

 

हमने इस मामले में गाड़ी के मालिक संजीव गुप्ता को फोन किया और एसएमएस करके उनका पक्ष जानने की कोशिस की लेकिन उनका जवाब नही आया. वहीं इस मामले में अब संजीव गुप्ता की मुश्किले बढ़ती नजर आ रही है क्योंकि सपोर्ट नामक एक एनजीओ ने संजीव गुप्ता के खिलाफ ठाणे क्राइम ब्रांच में शिकायत की है और इस मामले की जांच करने की मांग की है.

 

हांलाकि कि इस गाड़ी से राधे मां का डायरेक्ट कोई संबध नही है लेकिन वो इससे घूमती जरूरी हैं. अगर फर्जी पते पर रजिस्टर इस गाड़ी पर कोई कानूनी कार्यवायी होती है तो राधे मां का ये लक्जरी वाहन उनसे छिन जरूर सकता है.

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Web Title: radhe maa car controversy
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