नाबालिग बेटियों से रेप करने वाले पिता की सजा हाई कोर्ट ने रखी बरकरार

By: | Last Updated: Sunday, 26 October 2014 8:58 AM

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने दो नाबालिग बेटियों का रेप करने वाले पिता की दस साल की सजा बरकरार रखते हुये कहा है कि पिता पर इस तरह का लांछन लगाने के पीछे पीड़ितों की ‘कोई मंशा नहीं’ पायी जा सकती है.

 

न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी ने दोषी राम सिंह को दस साल की कैद की सजा सुनाने के निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुये उसके प्रति किसी प्रकार की नरमी बरतने से इंकार कर दिया. अदालत ने उच्चतम न्यायालय की उन टिप्पणियों का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि पिता द्वारा अपनी ही बेटियों से रेप करने से अधिक गंभीर और घिनौना अपराध कोई और नहीं हो सकता.

 

अदालत ने रेप की शिकार बहनों की गवाही को भरोसेमंद पाया. इन बहनों की मां उनके साथ नहीं रहती थी. अदालत ने सबसे बड़ी लड़की द्वारा पुलिस में मामला दर्ज कराने में हुआ विलंब माफ करते हुये कहा कि उसने ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास किया होगा जिससे वह और तीन अन्य बहनें बेसहारा हो जायें.

 

अदालत ने कहा कि शायद सिर पर छत बनी रहने की उम्मीद में बड़ी लड़की अपने ही पिता के यौनाचार को बर्दाश्त करती रही. लेकिन जब उसने अपने पिता को छोटी बहन से रेप का प्रयास करते देखा तो आवाज उठायी. उसने अपनी छोटी बहन को स्कूल भेजा और उस समय भी यह अहसास कराया कि अपने पिता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की उसकी मंशा नहीं है.

 

अभियोजन के अनुसार राम सिंह अपनी चार बेटियों के साथ रहता था. वह 15 साल की सबसे बड़ी बेटी के साथ दुराचार करता था लेकिन जब उसने 11 साल की दूसरी बेटी से 20 सितंबर, 2007 को दुराचार किया तो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी.

 

अदालत ने कहा कि दोषी ने दो शादियां की लेकिन दोनों ही बीवियों ने उसे छोड़ दिया था और ऐसी स्थिति में उसने अपनी हवस मिटाने के लिये अपनी पुत्रियों से ही दुराचार किया.

Crime News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: rape-father-daughter
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: ABP crime Daughter Father rape
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017