भ्रष्टाचार के दायरे में सेक्सुअल फेवर भी आएगा

By: | Last Updated: Monday, 23 February 2015 3:09 AM

नई दिल्ली: सैलरी के अलावा सरकारी कर्मचारी द्वारा लिया जाने वाला किसी तरह का फायदा चाहे वह सेक्सुअल फेवर ही क्यों न हो, को भ्रष्टाचार निरोधक कानून के दायरे में आना चाहिए. यह सिफारिश विधि आयोग ने सरकार को दी है. भारतीय विधि आयोग ने अपनी सिफारिश में कहा है कि भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन बिल, 2013 में इस प्रावधान को जोड़ा जाना चाहिए.

 

आयोग का कहना है कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 केसेक्शन-2(डी) में (अनुचित/गलत वित्तीय या अन्य फायदे) की व्याख्या की गई है. इस सेक्शन को खत्म कर देना चाहिए. इसे बदलकर सिर्फ (अनुचित फायदा) कर देना चाहिए.

 

जस्टिस एपी शाह की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने कहा कि संशोधन बिल में इससे शामिल किया जाना चाहिए. आयोग का कहना है कि अनुचित फायदा का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए. इसे महज वित्तीय या आर्थिक फायदे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. फिलहाल सरकारी नौकरों के लिए रिश्वत लेना ही भ्रष्टाचार निरोधक कानून के दायरे में आता है.

 

आयोग के मुताबिक, सरकारी नौकरों को कानूनी रूप से मिलने वाले वेतन में सरकार या संस्थान के द्वारा दी जानी वाली सुविधाएं शामिल हैं. सरकारी नौकर कानूनी रूप से इस तरह की तमाम सुविधाएं पाने के हकदार हैं. इसके अतिरिक्त किसी तरह का फायदा लेना अनुचित है. सेक्सुअल फेवर भी अुनचित फायदे का हिस्सा है.

 

आयोग का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन बिल वास्तव में भ्रष्टाचार के दायरे को छोटा कर रहा है न कि बड़ा कर रहा है. यानी यह कहना कि भ्रष्टाचार शब्द का दायरा बढ़ाया जा रहा है, गलत है.

Crime News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: sexual favour to be included in the category of corruption
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: category corruption sexual favour
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017