देश की सबसे सुरक्षित तिहाड़ जेल में फल फूल रहा है मोबाइल और ड्रग का कारोबार!

By: | Last Updated: Thursday, 14 May 2015 1:42 PM

नई दिल्ली: देश की अति सुरक्षित माने जाने वाली तिहाड जेल में कैदियो औऱ जेल स्टाफ की मिलीभगत से फल फूल रहा है ड्रग औऱ मोबाइल का कारोबार…जेल नंबर आठ में आज सुबह भी दो सजायाफ्ता कैदियो की मौत हो गई. आरंभिक जांच के दौरान पता चला है कि दोनो ने बीती रात नाक के जरिए ड्रग लिया था.

 

सबसे बडा सवाल यही कि अति सुरक्षित मानी जाने वाली इस जेल में ड्रग आखिर आया कहां से. तिहाड जेल में फुल बाडी स्कैनर लगाए जाने की योजना पर भी काम चल रहा है. दिल्ली की तिहाड जेल देश की अति सुरक्षित जेल मानी जाती है औऱ यहां पर तिहाड जेल कर्मियों के अलावा तमिलनाडू स्पेशल पुलिस भी कैदियो की तलाशी औऱ निगरानी का काम करती है.

 

इसी अति सुरक्षित जेल की जेल नबंर आठ में आज सुबह हंडकंप मच गया जब वार्ड नंबर दो के दो सजायाफ्ता कैदी रितेश और अमित बेहोशी की अवस्था में पाए गए उन्हे पहले जेल के अस्पताल ले जाया गया औऱ फिर दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल जहां उन्हे मृत घोषित कर दिया गया.

 

इनमें रितेश का हत्या औऱ अपहरण के आरोप में आजीवन कारावास और अमित को हत्या के प्रयास के आरोप में आठ साल की सजा हुई थी. दोनो कैदी पिछले काफी समय से इसी जेल में बंद थे.जेल प्रशासन ने इन दोनो कैदियो की बैरक में बंद अन्य कैदियों से पूछताछ की तो पता चला कि दोनो ने बीती रात नाक के जरिए कोई ड्रग लिया था.

 

जिसके चलते इनकी हालत खराब हुई थी जेल के डीआईजी मुकेश प्रसाद ने इस बाबत कहा कि कैदी अपने शरीर के पार्ट में ड्रग्स ले आते है मामले की जांच की जा रही है.जेल सूत्रो के मुताबिक तिहाड जेल में कैदियो औऱ जेलकर्मियो की मिलीभगत के चलते मोबाईल फोन और ड्रग्स का धंधा फल फूल रहा है.

 

पिछले दिनो भी जेल के कांफ्रेस हाल मे कैदियो के पास से ड्रग्स मिली थी औऱ जांच के दौरान पता चला था कि जेल नंबर पाच के एक सिपाही ने यह ड्रग मुहैया कराई थी इस के बाद सिपाही को निलंबित कर दिया गया था.

 

जेल प्रशासन का कहना है कि तिहाड जेल के चारो तरफ से लोगो के आने जाने का रास्ता है लिहाजा लोग बाहर से भी ड्रग्स औऱ मोबाइल क्रिकेट बाल के अंदर भर जेल में फेकते है.पिछले दिनो जेल प्रशासन ने ऐसा सामान फेंक कर भाग रहे दो लोगो का पीछा भी किया था लेकिन दोनो लोग मोटर साईकिल जेल के पास ही छोड कर फरार हो गए थे.

 

जेल मे सामान फेकने की घटना केवल तिहाड जेल ही नही बल्कि रोहिणी जेल में भी हो रही है. सूत्रो का कहना है कि यह सामान जेल कर्मियो की मिलीभगत से अंदर पहुच जाता है.जेल प्रशासन सुरक्षा के नाम पर जो भी दावे करे लेकिन सच्चाई यह है कि तिहाड जेलके अंदर से इस साल के मात्र पांच महीनो के दौरान लगभग 80 मोबाइल फोन बरामद हुए है औऱ बडी मात्रा में ड्रग्स औऱ बीडी सिगरेट बरामद हुए है.

 

सवाल उठता है कि आखिर वो कौन सा नेटवर्क है जिसके जरिए ये जहर जेल के अंदर पहुंच रहा है औऱ जेल प्रशासन उसे रोकने में नाकाम है. सूत्रों का कहना है कि अनेक मामलो में जेलकर्मियो की मिलीभगत उजागर होने के वावजूद ठोस कदम नही उठाए जा सके है.

 

जेल के एक आला अधिकारी ने बताया कि जेल मे ऐसे मामलो को रोकने के लिए फुल बाडी स्कैनर लगाए जाने की योजना बनाई जा रही है जिसके बारे में सलाह ली जा रही है कि इस स्कैनर से कैदियो को कोई नुकसान तो नही होगा. तमाम पहलुओं को ध्यान में रख कर अगर ये स्कैनर जेल में लगाए गए तो उम्मीद है कि जेल मे ड्रग्स आदि सामान नही आ पायेगा.

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Web Title: tihar jail
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