'अब थप्पड़ से डर नहीं लगता साहेब...'

By: | Last Updated: Wednesday, 16 April 2014 9:37 AM
‘अब थप्पड़ से डर नहीं लगता साहेब…’

नई दिल्ली: ‘अब थप्पड़ से डर नहीं लगता साहेब…’ क्योंकि बहुत कीमती हैं ये थप्पड़. जी हां, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल आजकल कुछ ऐसा ही सोच रहे होंगे. इसके पीछे कारण यह नहीं है कि उन्हें थप्पड़ खाना बहुत पसंद बल्कि यह है कि जिस दिन भी उन पर स्याही, अंडे और थप्पड़ पड़ते हैं, उनकी पार्टी पर चंदे की बरसात हो जाती है.

जब जब केजरीवाल पर हमले होते हैं उनकी पार्टी पर चंदा देने वाले लोग मेहरबान हो जाते हैं और दिल खोलकर डोनेट करते हैं. अब तो आप समझ ही गए होंगे कि पार्टी को लोगों की सहानुभूति किस तरह मिल रही है.

 

आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल पर अब तक पांच बार हमले हो चुके हैं. सबसे ज्यादा फायदा आम आदमी पार्टी को चार अप्रैल को हुआ है जब दक्षिणपुरी में एक शख्स ने केजरीवाल को थप्पड़ मार दिया था. पहले यह आदमी पार्टी का ही कार्यकर्ता था. इस दिन पार्टी को 1 करोड़ 46 लाख रूपये डोनेशन के रूप में मिले जबकि इसके एक दिन पहले यह राशि 47 लाख थी.

 

आठ अप्रैल को लाली नाम के एक ऑटो ड्राइवर ने केजरीवाल को थप्पड़ जड़ दिया था जब वे  ‘आप’ की उम्मीदवार राखी बिलड़ा के लिए प्रचार कर रहे थे. यह घटना दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके की है. इस दिन भी पार्टी को 86 लाख रूपये चंदे में मिले जबकि एक दिन पहले यह राशि सिर्फ 29 लाख थी.

 

28 मार्च को हरियाणा के भिवानी में रोड शो के दौरान एक आदमी ने केजरीवाल की जीप पर चढ़कर उन्हें मुक्का मार दिया. इस दिन आप को 44 लाख रूपये दान में मिले जबकि इसके एक दिन पहले 40 लाख रूपये मिले थे.

 

25 मार्च को बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर केजरीवाल की गाड़ी पर अंडे फेंके गए थे और रोड शो के दौरान काली स्याही भी फेंकी गई थी. इस दिन पार्टी की झोली में 51 लाख रुपए आए थे. इससे पहले वाले दिन 19 लाख रूपये डोनेटे किए गए थे.

 

पांच मार्च को गुजरात में केजरीवाल का काफिला रोकने पर बीजेपी और आप कार्यकर्ताओं की कई जगह भिड़ंत हो गई थी औऱ यहां पर केजरीवाल की गाड़ी का शीशा तोड़ा दिया गया था. इस दिन केजरीवाल को 32 लाख रूपये चंदे के रूप में मिला. हालांकि इसके एक दिन पहले ही चार मार्च को सिर्फ 10 लाख रूपये लोगों ने डोनेट किये थे.

 

इन आकड़ों पर अगर नजर डाली जाए तो यह कहा जा सकता है कि पार्टी को इससे फायदा हुआ है. एक तरफ केजरीवाल को थप्पड़ लग रहे थे, स्याही और अंडे फेंके जा रहे थे, कोई मुक्का मार रहा था और विरोधी पार्टियां उन पर खुद ही यह सब कराने का आरोप लगा रही थीं, तो दूसरी तरफ केजरीवाल के लिए लोगों का सिंपैथी फैक्टर असर दिखा रहा था. विरोधी पार्टियों को क्या पता कि यह थप्पड़ कितना कीमती था. कोई अंदाजा लगा भी नहीं सकता क्योंकि केजरीवाल के चाहने वाले उनके थप्पड़ों का दर्द तो नहीं हर सकते लेकिन उनको राहत देते हुए लोगों ने उन पर जमकर पैसे डोनेट किए.

 

आपको बता दें कि दिसंबर 2012 से अब तक विश्व के 92, 520 लोगों ने करीब 28 करोड़ रूपये दान में दिया है.

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Web Title: ‘अब थप्पड़ से डर नहीं लगता साहेब…’
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