यूक्रेन-रूस गतिरोध का असर भारत के व्यापार पर भी संभव

By: | Last Updated: Thursday, 6 March 2014 5:42 AM

नई दिल्ली: यूक्रेन में चल रहे राजनीतिक संकट का असर भारत के व्यापार पर भी हो सकता है. उद्योग मंडल एसोचैम ने यह बात कही.

 

एसोचैम के एक अध्ययन में कहा गया है, ‘‘यदि रूस और यूक्रेन के बीच तनाव और बढ़ा तो स्वतंत्र देशों के राष्ट्रकुल (सीआईएस) के साथ भारत का व्यापार 15 प्रतिशत तक घटने की आशंका है.’’ अध्ययन के मुताबिक, वर्ष 2013-14 के लिए यूक्रेन के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार करीब दो अरब डॉलर रहने का अनुमान है जो इससे पिछले साल की तुलना में करीब 36 प्रतिशत कम है.

 

मौजूदा संकट के चलते फार्मा एवं इलेक्ट्रिकल मशीनरी उद्योग जैसे क्षेत्रों को सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है क्योंकि ये क्षेत्र सीआईएस को अग्रणी निर्यातकों में से एक हैं.

 

इंजीनियरिंग निर्यातकों के निकाय ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन अनुपम शाह का मानना है कि यूक्रेन में मौजूदा घटनाक्रम व्यापार के लिए अच्छा नहीं है और यह भारतीय निर्यातकों के लिए बुरी खबर है.

 

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान भारत और सीआईएस देशों के बीच व्यापार आठ प्रतिशत से अधिक गिर गया.

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Web Title: यूक्रेन-रूस गतिरोध का असर भारत के व्यापार पर भी संभव
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