'नेक्सस6 में फिंगर प्रिंट सेंसर नहीं होने के लिए एपल है जिम्मेदार'

'नेक्सस6 में फिंगर प्रिंट सेंसर नहीं होने के लिए एपल है जिम्मेदार'

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

नई दिल्ली: नेक्सस6 एक शानदार स्मार्टफोन है. इस फोन में अब तक का सबसे फास्ट प्रोसेसर है. इस फोन की डिस्प्ले बेहद शानदार qHD है सभी बेहतरीन तकनीकों से लैस इस फोन में एक चीज जो नहीं वह है फोन के डिस्प्ले का फिंगर प्रिंट सेंसर और इस फिंगर प्रिंटर सेंसर नहीं होने के पीछे मोटरोला ने मशहूर गैजेट कंपनी एपल को दोषी ठहराया है.

 

द टेलिग्राफ यूके को दिए गए एक इंटरव्यू में मोटरोला के पूर्व सीईओ और वर्तमान समय में ड्रॉपबॉक्स लीडर डेनिस वुडसाइड ने बताया कि 'फिंगर प्रिंट टेक्नॉलोजी हमारे फोन में होनी थी. हम अपने डिवाइस को इस सेंसर से लैस करना चाहते थे पर ऐसा नहीं हो सका और इसके लिए अमेरिकी कंपनी एपल जिम्मेदार है.'

 

उन्होंने आगे बताया 'मोटो ने फिंगर प्रिंटर सेंसर पर इस क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Authentec के साथ मिल कर काम करना शुरु कर दिया था पर 2012 में एपल ने अपने फ्यूल टच आईडी फीचर के लिए इस कंपनी को 356 डॉलर की कीमत के साथ खरीद लिया. इस खरीद की वजह से मोटोरोला का काम बीच में ही रुक गया.'

 

'एपल ने इस क्षेत्र के बड़े स्प्लायर को खरीद कर हमारा खेल बिगाड़ दिया. इसके बाद हमारे पास इस क्षेत्र की दूसरी और अंतिम बड़ी कंपनी से बात की पर हमारी बात नहीं बनी '



ताइवानी कंपनी मोटो अपनी इस गलती के लिए अगर एपल को दोषी ठहराती है तो यह बड़ा सवाल है कि अपने सबसे हाई-बजट स्मार्टफोन सीरीज के लिए भी गूगल और मोटोरोला मिलकर इस परेशानी का हल नहीं ढ़ूढ पाए, साथ ही सवाल ये भी कि अगर ये सेंसर फोन में मौजूद नहीं थे तो कंपनी ने इस बात का खुलासा फोन के लॉन्च के वक्त ही क्यों नहीं किया. बहरहाल जो भी हो पर इस पूरे बयान पर एपल का रुख देखना दिलचस्प होगा.

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