अमेरिका की दो बड़ी कंपनियां, फेसबुक और एपल के मालिक आमने-सामने

By: | Last Updated: Monday, 8 December 2014 6:51 AM

नई दिल्ली: अमेरिका की दो सबसे बड़ी कंपनियों के मालिक आमने-सामने हैं. शुरुआत एपल के सीईओ टिम कुक की तरफ से हुई थी, पर फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग भी जवाब देने में पीछे नहीं रहे.

 

दरअसल मामला टिम के इस बयान से शुरू हुआ था कि अगर (फेसबुक जैसी) कंपनियां लोगों की निजी जानकारी बेचकर पैसे कमा रही है, तो लोगों को इसके बारे में गहराई से सोचना चाहिए.

 

टाइम मैगजीन के साथ अपने एक इंटरव्यू में फेसबुक के मालिक जुकरबर्ग ने इसका जवाब दिया है. उन्होंने कहा, “मुझे इस बात से बड़ी झल्लाहट होती है कि लोग ऐसा सोचते हैं कि हम एड (प्रचार) का बिजनेस अपने ग्राहकों को समझे बिना कर सकते हैं. (अगर ऐसा हो रहा है तो) ये सबसे घटिया तरीका है. लोगों को क्या लगता है, अगर वे एपल को (उसका प्रोडक्ट खरीदने के लिए) पैसे दे रहे हैं, (ऐसा करने की वजह से) तो कंपनी (एपल) अपने ग्राहकों के साथ है? अगर ऐसा होता तो एपल अपने प्रोडक्ट्स को बहुत सस्ता बेचता.”

 

यह बहस कुक ने शुरू की थी, जिसमें सबसे पहले उन्होंने कहा था कि गूगल और फेसबुक अपने ग्राहकों को प्रोडक्ट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. ऐसा मुश्किल से ही देखने को मिलता है, जब दुनिया की दो सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल दो नामों के मालिक खुलेआम एक दूसरे के खिलाफ बयान दे रहे हों. वैसे फेसबुक का पूरा बिजनेस उसके यूजर के पर्सनल डेटा (निजी जानकारी) के इर्द-गिर्द घूमता है. इसी के सहारे वो दूसरी कंपनियों के एड (प्रचार) अपने ग्राहकों को बेचता है.

एपल ठीक इसके उल्ट काम करता है. कंपनी के पास यूजर की बहुत कम जानकारी होती है और कंपनी अपने गैजेट, ग्राहकों को बेचती है. कुक का बयान एपल के प्रोडक्टस की सेल बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. बयान का मतलब यह है कि अगर आप अपनी जानकारी सुरक्षित रखना चाहते हैं तो एपल के प्रोडक्टस खरीदें. लेकिन हाल ही में एपल के सेवा ‘आई क्लाउड’ को हैक करके 100 से ज्यादा सेलिब्रिटीज़ की निजी तस्वीरें हैक कर ली गई थी.

 

इस मामले पर एपल की सफाई है कि आई क्लाउड हैक नहीं किया गया था बल्कि मालवेयर (वायरस) के साहरे यूजर्स की अनुमती लेकर एपल के डिवाइसेस में घुसपैठ की गई थी. इस घटना के बाद भी कंपनी को लेकर लोगों का भरोसा पूरी तरह नहीं उठा है. वहीं जुकरबर्ग का मानना है कि एक बेहतरीन सेवा (फेसबुक) के लिए लोगों को अपनी थोड़ी-बहुत निजी जानकारी देने में कोई परेशानी नहीं है और इसके पीछे फेसबुक के मौजूद यूजरों की संख्या का हवाला दिया गया है.

 

फेसबुक के कुल यूजर्स की संख्या 1.3 बिलियन है. गूगल के पास एक बिलियन यूजर्स हैं. वहीं ट्विटर के पास भी सैंकड़ो मिलियन यूजर्स हैं और ये सभी सेवादाता, यूजर्स की निजी जानकारी का इस्तेमाल करते हैं, जिसके सहारे ये एड से पैसै कमाते हैं. वहीं एक औसत आईफोन की कीमत 60 डॉलर (37161.00 रुपए) होती है. अच्छे एंड्रॉयड फोन्स इसकी आधी कीमत में आ जाते हैं. जुकरबर्ग का कहना है कि अगर एपल को ग्राहकों की इतनी परवाह होती तो वो अपने प्रोडक्टस को बहुत सस्ता बेच सकते थे.

 

गैजेट निर्माण करने वालों में एपल दुनिया की सबसे अमीर कंपनी है. इसी तर्क पर मार्क का कहना है कि एपल अपने प्रोडक्टस के दाम घटा सकती है. वहीं फेसबुक जो की एक फ्री सर्विस है पर इसकी कीतम यह है कि ये अपने ग्राहकों की निजी जानकारी का इस्तेमाल अपने बिजनेस के लिए करता है.

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Web Title: Facebook CEO Mark Zuckerberg criticizes Apple
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