फ्री बेसिक्स पर ट्राई के फैसले से फेसबुक निराश, कहा- प्रयास जारी रखेंगे

By: | Last Updated: Tuesday, 9 February 2016 10:14 AM
facebook reacts on trais decision on free basics

इतना ही नहीं, फेसबुक के को फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग को भी श्रद्धांजलि वाला संदेश उनके फेसबुक पेज पर पोस्ट हो गया. इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर छपि ख़बर के अनुसार करीब 10 लाख लोगों को इसका शिकार होना पड़ा है.

नई दिल्ली: टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) द्वारा भारत में फेसबुक द्वारा चलाए जा रही मुहिम फ्री बेसिक्स को खारिज करने और नेट न्यूट्रैलिटी का पक्ष लेने से फेसबुक निराश है. फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक पर पोस्ट कर फैसले से निराशा जतायी है.

मार्क ने लिखा है, ‘फ्री बेसिक्स के साथ हमारा लक्ष्य एक मुक्त, गैर-विशेष व मुफ्त प्लेटफार्म के साथ अधिक से अधिक लोगों को इंटरनेट से जोड़ना है. हम ट्राई के फैसले से निराश है, हमारी फ्री बेसिक्स, Internet.org और ऐसी कई पहल को रोकने का निर्णय दिया गया है. हम इससे निराश हैं.’

मार्क ने आगे कहा, ‘लेकिन मैं ये निजी तौर पर तहना चाहता हूं कि विश्व और भारत में इस तरह की बाधाओं को दूर करने के अपने प्रयास तब तक जारी रखेंगे जब तक इंटरनेट को सभी तक नहीं पहुंचा देंगे.’

मार्क ने Internet.org की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए लिखा है, ‘Internet.org ने कई पूरे विश्व में बहुत सारे लोगों की जिंदगी बदली है. 38 देशों के 19 मिलियन लोग हमारे विभिन्न प्रोग्रामों से जुड़े हैं. कनेक्टिंग इंडिया हमारा प्रमुख लक्ष्य है और हम इसमें हार नहीं मानेंगे. हमें पता है कि यहां के लोगों को इंटरनेट से जोड़ कर उनके जीवन स्तर को सुधारा जा सकता है. साथ ही गरीबी से लड़ने, रोजगार पैदा करने में मदद और शिक्षा का प्रसार किया जा सकता है. हमें यहां के लोगों की फिक्र है इसलिए हम इस फैसले से हार नहीं मानेंगे.’

आपको बता दें कि फेसबुक ने डिजिटल इक्वेलिटी के तहत रिलायंस के साथ मिलकर फ्री बेसिक्स इंटरनेट की मुहिम भारत में शुरु की थी जिसे अब ट्राई ने नामंजूर कर दिया है और नेट न्यूट्रैलिटी का पक्ष लेते हुए भारत में इंटरनेट की स्वतंत्रता को बनाए रखा है. इस नामंजूरी का मतलब है कि फेसबुक भारत में फ्री बेसिक्स मुहिम नहीं चला सकेगा.

free-basics-facebook1-580x360

क्या है फ्री बेसिक्स?

अब जब एक बार फिर इंटरनेट की समानता को लेकर बहस छिड़ चुकी है तो यह जानना बेहद जरुरी है कि इंटरनेट बेसिक्स है क्या? ये फेसबुक की विवादित मुहिम internet.org को ही नई मार्केटिंग स्ट्रैटजी के साथ रीलॉन्च किया है. जिसमें आपको कुछ खास साइट्स फ्री (बिना इंटरनेट प्लान) एक्सेस करने का ऑप्शन मिलेगा. लेकिन वहीं दूसरी साइट्स के लिए आपका डेटा लगेगा. जाहिर हैं ऐसे में यूजर फ्री मिल रही सर्विस का ही इस्माल करेगा और ये सर्विस नेट न्यूट्रैलिटी के अधिकार को खत्म करेगी.

क्या है नेट न्यूट्रेलिटी?

नेट न्यूट्रेलिटी यानी नेट की आजादी है? क्या और इसके हमारे इंटरनेट इस्तेमाल करने पर क्या असर पड़ेगा.

आपके पास मोबाइल है और आपने इसमें इंटरनेट कनेक्शन भी लिया है. अब तक इसके लिए आप टेलिकॉम कंपनी को पैसे देते हैं, पैसे देने के बाद आप व्हाट्सएप, फेसबुक, क्विकर, स्नैपडील, गूगल, यू ट्यूब जैसी ढेरों इंटरनेट सेवाएं इस्तेमाल कर पाते हैं. हर वेब पेज पर स्पीड एक जैसी होती है और हर सेवा के अलग से पैसे नहीं देने पड़ते.

यानी इंटरनेट की आजादी, एक बार इंटरनेट ले लिया तो हर सेवा को एक जैसा दर्जा मिलने की आजादी है. लेकिन अब फेसबुक कुछ कंपनियों के साथ मिल कर इंटरनेट की आजादी को नए तरह से पेश करना चाहता था. जिसमें कुछ सेवाएं मुफ्त हो सकती हैं तो कुछ के लिए पैसे या इंटरनेट पैक देने पड़ेंगे. इतना ही नहीं कुछ सेवाओं के लिए ज्यादा स्पीड तो कुछ के लिए कम स्पीड का अधिकार भी कंपनियां अपने पास रखना चाहती हैं.

Gadgets News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: facebook reacts on trais decision on free basics
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: Facebook Free Basics net neytrality TRAI
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017