फेसबुक की ईष्या से बढ़ती है उदासी

By: | Last Updated: Wednesday, 4 February 2015 10:44 AM

न्यूयॉर्क: सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक अपने उपयोगकर्ताओं के बीच यदि ईष्या भाव को बढ़ावा देती है तो इससे उसके उपयोगकर्ताओं में उदासी पैदा होती है. यह जानकारी मिसौरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन के बाद दी.

 

पत्रकारिता स्कूल में सामरिक संचार की प्रमुख और प्रोफेसर मार्गरेट डफी के मुताबिक फेसबुक के उपयोगकर्ता साइट का कैसे इस्तेमाल करते हैं, यह उस बात पर निर्भर करता है कि वे इस पर किस प्रकार से प्रतिक्रिया करते हैं.

 

डफी ने कहा, “अगर उपयोगकर्ता अपने परिवार और मित्रों के साथ जुड़ने में और उनसे महत्वपूर्ण बातें साझा करने के लिए साइट का सही फायदा उठाएं तो फेसबुक का उपयोग मजेदार और स्वस्थ प्रक्रिया है.”

उन्होंने कहा, “हालांकि फेसबुक का इस्तेमाल अगर यह देखने के लिए किया जाता है कि आपका पुराना दोस्त अपने रिश्ते में कितना खुश है, अथवा आपकी जान-पहचान वाला व्यक्ति वित्तीय रूप से कितना समृद्ध है, तो इससे उपयोगकर्ताओं के बीच ईष्या बढ़ती है. सोशल साइट के इस्तेमाल से उदासी बढ़ सकती है.”

 

अध्ययन के लिए डफी और एडसन टेंडोक (एमयू विश्वविद्यालय के पूर्व डॉक्टरेट छात्र) ने युवा फेसबुक उपभोक्ताओं का अध्ययन किया.

 

इस अध्ययन में उन्होंने पाया कि वे लोग जो फेसबुक का इस्तेमाल अन्य लोगों की ताक-झांक के लिए कर रहे थे, उन्हें उदासी बढ़ने के लक्षण नजर आ रहे थे, जबकि वे युवा जो दूसरों से जुड़े रहने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे थे वे नकारात्मक प्रभावों से मुक्त थे.

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