3 महीने में आपके मोबाइल और PC से मालवेयर को हटाने के लिये सरकारी सुविधा

By: | Last Updated: Sunday, 24 May 2015 3:48 PM
MALWARE

नई दिल्ली: सरकार एक केंद्र बना रही है जो ‘बूटनेट्स’ जैसे नुकसान पहुंचाने वाले कार्यक्रमों का पता लगाएगा और उपकरण मालिकों को बिना किसी खर्च के इस प्रकार के नुकसानदायक साफ्टवेयर को हटाने में मदद करेगा.

 

सूचना प्रौद्योगिकी सचिव आर एस शर्मा ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘हम तीन महीने में बूटनेट क्लीनिंग एंड मालवेयर एनालिसिस सेंटर स्थापित कर रहे हैं. यह स्वत: बूटनेट की पहचान करेगा जो विभिन्न साइबर अपराध का कारण बनता है और उपकरण मालिक को हमारे केंद्र की मदद से उनके उपकरण से इसे हटाने में मदद करेगा.’’

 

शर्मा ने कहा कि यह परियोजना डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है और इसका मकसद सुरक्षित ‘साइबर स्पेस’ तैयार करना है.

 

सरकार करीब 100 करोड़ रुपये के खर्च से इस केंद्र का गठन कर रही है और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नियामक इंडियन कंप्यूटर इमर्जेन्सी रिसपांस टीम (आईसीईआरटी) को वेंडर (विक्रेता) चुना गया है. बूटनेट नुकसान पहुंचाने वाले साफ्टवेयर का एक नेटवर्क है जो सूचना चुरा सकता है, उपकरण के परिचालन पर नियंत्रण कर सकता है और साइबर हमले कर सकता है जो वेबसाइट तक पहुंच बाधित कर सकता है.

 

केंद्र के परिचालन के बारे में विस्तार से बताते हुए आईसीईआरडी के महानिदेशक बी जे श्रीनाथ ने कहा, ‘‘हम इसे क्रियान्वित करने के लिये इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) की मदद लेंगे. प्रभावित उपकरण के मालिक को आईएसपी से नुकसानदायक साफ्टवेयर के बारे में संदेश मिलेगा. संबंधित व्यक्ति सीईआरटी वेबसाइट से इसका समाधान डाउनलोड कर समस्या से छुटकारा प्राप्त कर सकता है.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘हमने ई-मेल नीति को भी अधिसूचित किया है और इसके क्रियान्वयन के ब्योरे पर काम कर रहे हैं. इस नीति का मकसद आधिकारिक सूचना आदान-प्रदान को ज्यादा सुरक्षित बनाना है.’’

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