इस साल देश में मोबाइल उपभोक्ता हुए 50 करोड़ से ज्यादा

By: | Last Updated: Thursday, 26 November 2015 12:51 PM

नई दिल्ली: सस्ते मोबाइल हैंडसेट, आसान शुल्क योजना और डिजिटल साक्षरता अभियान के चलते इस साल के आखिर तक देश में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 50 करोड़ से अधिक हो जाएगी. यह बात गुरुवार को जारी जीएसएमए के एक अध्ययन में कही गई है. गौरतलब है कि एक उपभोक्ता कई बार एक या अनेक कंपनियों की कई सेवाएं लिए होते हैं, लेकिन इस रिपोर्ट में सभी सेवाओं की नहीं, बल्कि उपभोक्ता व्यक्ति की गणना की गई है.

 

जीएसएमए जीएसएम दूरसंचार कंपनियों का वैश्विक संगठन है.

 

‘द मोबाइल इकनॉमी : इंडिया 2015’ रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया 13 फीसदी मोबाइल उपभोक्ता भारत में रहते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले वर्षो में देश में उपभोक्ताओं की संख्या क्षेत्रीय और वैश्विक औसत से अधिक तेजी से बढ़ेगी.

 

भारत को चीन के बाद दूसरे सबसे बड़ा मोबाइल बाजार माना जाता है.

 

जीएसएमए के कार्यवाहक महानिदेशक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी एलेक्स सिन्क्लेयर ने कहा, “भारत एक विशेष मोबाइल बाजार है. यहां मोबाइल इको सिस्टम लोगों के जीवन में बदलाव लाने और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.”

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 के आखिर में देश में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 45.3 करोड़ थी, जिसके 2015 के अंत में 50 करोड़ से अधिक हो जाने की उम्मीद है.

 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मोबाइल उद्योग ने 2014 में देश की अर्थव्यवस्था में 7.7 लाख करोड़ रुपये (116 अरब डॉलर) का योगदान किया है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद का 6.1 फीसदी है. यह योगदान 2020 तक बढ़कर 14 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है.

 

इस उद्योग ने 2014 में देश को 40 लाख रोजगार दिए, जो 2020 तक बढ़कर 50 लाख होने का अनुमान है.

 

रिपोर्ट के मुताबिक, “मोबाइल हैंडसेट पर इंटरनेट उपयोग करने वाले लोगों की संख्या 2010 में 10 करोड़ से भी कम थी, जो 2014 के अंत में बढ़कर 30 करोड़ हो गई.”

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Web Title: Mobile Subscribers in India to Cross 500 Million by Year-End
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