कमजोर याददाश्त से हो सकता है जान को जोखिम, जाने कैसे?

By: | Last Updated: Wednesday, 2 March 2016 8:58 AM
Beware: Decline in memory, feeling unhealthy are indicators of early death

अस्वस्थ जीवनशैली ही नहीं बल्कि याददाश्त कमजोर होना या अस्वस्थ महसूस करना जैसे मनोवैज्ञानिक कारकों से भी असमय मृत्य दर का खतरा बढ़ने की आशंका है. विशेषकर मध्यम आयुवर्ग और बुजुर्गो में. 6,000 से ज्यादा वयस्कों पर किए गए शोध के नतीजों में यह बात सामने आई है कि बेहतर स्वास्थ्य और कार्यविधि की कम रफ्तार मृत्युदर जोखिम कम करने में मददगार हो सकती है.

स्विट्जरलैंड में यूनिवर्सिटी ऑफ जेनेवा के वैज्ञानिक स्टीफन ऐश्ले ने कहा, “हमारा शोध दिखाता है कि दो मनोवैज्ञानिक कारण, खराब स्वास्थ्य और आयु-संबंधी ह्रास मध्यम आयुवर्ग और वयस्कों में उच्च मृत्यु दर जोखिम का अहम संकेतक जान पड़ते हैं.”

महिला होने को भी मृत्यु दर का जोखिम कम होने से जोड़कर देखा गया है. तंबाकू धूम्रपान को असमय मृत्यु का खतरा बढ़ाने से जोड़कर देखा गया है.

इस शोध का निष्कर्ष ‘साइकोलॉजिकल साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.

स्टीफन ने कहा कि यह निष्कर्ष उन स्वास्थ्य पेशेवरों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं, जिन्हें असमय मृत्यु के जोखिम का पता लगाने के लिए बेहतर तरीकों की जरूरत है.

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Web Title: Beware: Decline in memory, feeling unhealthy are indicators of early death
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