Dying British man treatment at Indraprashta Apollo Hospital!|गंभीर कम्प्रेशन से पीड़ित ब्रिटिश नागरिक को दिल्ली में मिली नई जिंदगी

गंभीर कम्प्रेशन से पीड़ित ब्रिटिश नागरिक को दिल्ली में मिली नई जिंदगी

ब्रिटिश नागरिक साइमन पॉवेल (63) को इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स ने नई जिन्दगी दी है. वह मालदीव्स में डाइविंग के दौरान गंभीर डीकम्प्रेशन का शिकार हो गए थे.

By: | Updated: 06 Dec 2017 03:01 PM
Dying British man treatment at Indraprashta Apollo Hospital!

Demo Pic

नई दिल्ली: ब्रिटिश नागरिक साइमन पॉवेल (63) को इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स ने नई जिन्दगी दी है. वह मालदीव्स में डाइविंग के दौरान गंभीर डीकम्प्रेशन का शिकार हो गए थे. उन्हें माले से एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया था. इस दौरान उनकी हालत तेजी से बिगड़ रही थी और उन्हें मॉर्डन मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत थी.


अस्पताल की तरफ से जारी बयान के अनुसार, अपनी पत्नी के साथ एक प्राइवेट रिजॉर्ट में छुट्टी मना रहे साइमन को सांस लेने में परेशानी होने लगी. उन्हें तुरंत एक रेजीडेन्ट डॉक्टर के पास ले जाया गया, डॉक्टर ने बताया कि साइमन को तुरंत हाइपरबैरिक चैम्बर की जरूरत है. उन्हें तुरन्त नजदीकी द्वीप तक पहुंचाया गया और आठ घण्टे के लिए हाइपरबैरिक चैम्बर में रखा गया.


माले अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी हालत में सुधार लाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी हालत खराब होती जा रही थी, उन्हें विश्वस्तीय मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत थी. एयर एम्बुलेन्स सेवाएं संचालित करने वाली ईस्ट-वेस्ट रेस्क्यू - साइमन की इंश्योरेन्स कम्पनी के साथ बातचीत कर अंतिम फैसले पर पहुंची कि सर्वश्रेष्ठ इलाज सेवाएं नई दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में ही उपलब्ध हैं, जो इस तरह के मामलों के लिए सभी अत्याधुनिक सेवाओं से युक्त है.


चार घण्टे की उड़ान के बाद साइमन नई दिल्ली में थे. अब उन्हें इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के अनुभवी डॉक्टर इलाज दे रहे थे.


इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के वरिष्ठ सलाहकार (इंटरनल एण्ड हाइपरबैरिक मेडिसिन) डॉ. तरुण साहनी ने बताया, "साइमन जब यहां पहुंचे, हालांकि वे होश में थे, लेकिन कुछ विचलित स्थिति में थे. उन्हें तुरंत रीकम्प्रेशन थेरेपी दी गई. उनकी ब्रेन एमआरआई में पता चला कि दिमाग में कुछ एम्बोलिक एरिया के चलते वे डीकम्प्रेशन का शिकार हुए थे."


उन्होंने कहा, "इलाज के बाद ऐसा लगता है कि जैसे कुछ चमत्कार हो गया हो, इतनी दर्दनाक घटना से उबरने के बाद वे अबअपने आप को सकारात्मक और ताकतवर महसूस कर रहे हैं. धीरे-धीरे उनके संज्ञानात्मक गतिविधियों में सुधार हो रहा है. दोनों टांगों में माइल्ड पैरेन्थेसिया कम हुआ है और उनकी चाल में भी सुधार हुआ है. साइमन की कहानी अपने आप में चमत्कार का बेहतरीन उदाहरण है."

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title: Dying British man treatment at Indraprashta Apollo Hospital!
Read all latest Health News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story ब्रेस्ट कैंसर ट्रीटमेंट के दुष्प्रभावों से बचने के लिए खाएं सोया, हरी फूलगोभी