दस्त की समस्या से बचना है तो इन कामों से पहले जरुर धोएं हाथ

दस्त की समस्या से बचना है तो इन कामों से पहले जरुर धोएं हाथ

अध्ययन में कहा गया है कि 2015 में दस्त के कारण हर दिन 321 बच्चों की मौत हुयी

By: | Updated: 13 Oct 2017 01:10 PM

कोच्चि: ग्लोबल हैंडवाशिंग डे के अवसर पर जारी एक नये अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है कि ग्रामीण भारत में बाल देखभाल के काम से जुड़े हाथ धोने का ज्ञान और प्रचलन की स्थिति काफी खराब है.


किसने करवाई रिसर्च-
वाटर एड इंडिया के नये अध्ययन ‘स्पॉटलाइट ऑन हैंडवाशिंग इन रूरल इंडिया’ के मुताबिक पांच महत्वपूर्ण समयों- शौचक्रिया के बाद, बच्चे का मल धोने के बाद, बच्चों/शिशुओं को दूध पिलाने से पहले, खाने से पहले और खाना बनाने से पहले साबून से हाथ धोना चाहिए. इससे दस्त की समस्या 47 प्रतिशत कम होने का अनुमान है.

इन राज्यों में हुआ अध्ययन-
यह अध्ययन चार राज्यों बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा के ग्रामीण इलाकों में हाथ साफ करने से जुड़ी परंपरा के बारे में जागरूकता स्तर जानने के लिए किया गया.

अध्ययन के नतीजे-
आमतौर पर शौच के बाद और खाना खाने से पहले हाथ धोने का प्रचलन है. सर्वे में सामने आया कि जिस घर में पांच साल से कम उम्र का बच्चा है वहां पर कम स्वच्छता है.

अध्ययन में सामने आया, ‘‘केवल 26.3 प्रतिशत महिलाएं बच्चों को खिलाने से पहले हाथ धोते हैं. 14.7 प्रतिशत दूध पिलाने से पहले हाथ धोते हैं. 16.7 प्रतिशत बच्चों का मल फेंकने के बाद हाथ धोते हैं और 18.4 प्रतिशत बच्चों का शौच धोने के बाद हाथ धोते हैं.’’

दस्त के कारण बच्चों की मौत -
अध्ययन में कहा गया है कि 2015 में दस्त के कारण हर दिन 321 बच्चों की मौत हुयी है जो भारत में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में मौत का दूसरा प्रमुख कारण है.

नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

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