दिल के रोगों के लक्षणों को न करें अनदेखा, ऐसे पहचानें ये लक्षण

दिल के रोगों के लक्षणों को न करें अनदेखा, ऐसे पहचानें ये लक्षण

छोटी-छोटी ऐसी कई बीमारियां हैं जो गंभीर हार्ट रोगों का कारण बन सकती हैं. ऐसे में हमें इसके लक्षण की जानकारी होनी चाहिए और इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए.

By: | Updated: 29 Sep 2017 12:34 PM

नई दिल्लीः छोटी-छोटी ऐसी कई बीमारियां हैं जो गंभीर हार्ट रोगों का कारण बन सकती हैं. ऐसे में हमें इसके लक्षण की जानकारी होनी चाहिए और इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए. विश्व हार्ट दिवस पर जेपी हॉस्पिटल के हार्ट डिजीज़ डिपार्टमेंट की निदेशक डॉ. गुंजन कपूर ने हार्ट डिजीज़ से संबंधित जोखिमों की पहचान बताई है.


दिल का दौरा : दिल का दौरा ऐसी ही बीमारी है जिससे हार्ट गंभीर रूप से बीमार हो सकता है और मरीज की जान को जोखिम पहुंचा सकता है. कोरोनरी धमनी रोग होने पर हार्ट की मांसपेशियों में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है और धीरे-धीरे रक्त प्रवाह पूरी तरह बंद हो जाता है.


ब्लड शुगर लेवल : जो मरीज डायबिटीज से पीड़ित होते हैं उनमें हार्ट अटैक होने की संभावना बढ़ जाती है. एक आंकड़े के अनुसार, सामान्य लोगों की अपेक्षा डायबिटीज रोगियों में दिल का दौरा पड़ने की संभावना 2 से 4 गुना बढ़ जाती है. इसलिए ब्लड शुगर लेवल का पूरा ध्यान रखना चाहिए.


ब्लड प्रेशर लेवल : हाई ब्लड प्रेशर भी हार्ट रोग होने का एक महत्वपूर्ण कारक है. इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है. हाई ब्लड प्रेशर में व्यक्ति को सिरदर्द और चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस होते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित किसी लक्षण का पता ही नहीं लग पाता और यह गंभीर हार्ट रोगों में बदल जाता है.


जब ब्लड प्रेशर का लेवल सामान्य से कम हो जाता है तो उसे लोअर ब्लड प्रेशर कहते हैं. लोग खासकर दुबली-पतली महिलाओं को प्राय: यह गलतफहमी होती है कि वे लोअर ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं. ऐसी महिलाएं अपने शरीर में होने वाली किसी भी बदलाव को लोअर ब्लड प्रेशर से जोड़कर देखती हैं, जबकि यह सही नहीं है.


लोअर ब्लड प्रेशर के कुछ प्रमुख कारण हैं- लंबे समय तक बेड पर रहना, गर्भावस्था के शुरू के 6 महीने, अत्यधिक रक्तस्राव, गंभीर संक्रमण और सेप्सिस, हार्ट अटैक, गंभीर एलर्जी, रिएक्शन (एनाफिलेक्सिस) और हार्मोन संबंधी समस्याएं.


कोलेस्ट्रॉल लेवल : कोलेस्ट्रॉल वसायुक्त पदार्थ है जो हमारे शरीर में होता है. मस्तिष्क और सेलुलर फंक्शंस को बनाने के लिए कोलेस्ट्रॉल की कुछ मात्रा की आवश्यकता होती है.


हाई ब्लड प्रेशर से होने वाली बीमारियां :




  • हार्ट अटैक

  • स्ट्रोक

  • दिल का दौरा (दिल का फैलना और पंपिंग फंक्शन का कमजोर होना)

  • गुर्दा रोग या गुर्दा का फेल होना

  • आंखों की रोशनी खोना

  • पुरुषों में यौन रोग

  • पेरिफेरल धमनी रोग, जिसमें पैर, हाथ, पेट और आंत में रक्त की आपूर्ति घट जाती है.


नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

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