... तो इसलिए 70 साल से पहले ही मर जाते हैं भारतीय

By: | Last Updated: Monday, 5 October 2015 8:57 AM
Lifestyle diseases increase death risk of 25% Indians, before they turn 70: Study

 

नई दिल्ली : 2013 में हिंदुस्तान में किए गए एक सर्वे के अनुसार औसतन हिंदुस्तानी पुरुष 64.2 साल तक जिंदा रहते हैं जो कि 1990 में किए गए सर्वे के मुकाबले में 6.9 साल बढ़ गई है. वहीं हिंदुस्‍तानी महिलाएं 68.5 साल तक जिंदा रहती हैं जो कि 1990 में किए गए सर्वे के मुकाबले में 10.3 साल ज्यादा है.

 

लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि पुरुषों की जो उम्र (उम्र 6.9 साल) बढ़ी है उसमें से वो केवल 6.4 साल ही हेल्दी लाइफ जीते हैं. 0.5 साल उनकी बीमारी और अन्य परेशानियों से गुजरते हुए निकल जाती हैं. वैसे ही महिलाएं 10.3 सालों में से 8.9 साल ही हेल्दी लाइफ जीती हैं. वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवेल्युनशन के नेतृत्व में ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी ने ये सर्वे किया.

 

पहले हुए कई सर्वे ये बता चुके हैं कि कई ऐसी बीमारियां है जैसे की हाइपरटेंशन, कार्डियोवसकुलर, कैंसर, डायबिटीज, तंबाकू और धूम्रपान के सेवन से होने वाली बीमारियां इनके बारे में कुछ ही लोगों को पता है लेकिन वो भी पूरी जानकारी के साथ नहीं पता. जैसे ये बीमारियां कैसे फैलती हैं. इसका इलाज क्या है. यानी की लोगों के पास आधी-अधुरी जानकारी है. सेहत से संबंधित सही जानकारियां गांव-देहात तक तो पहुंच ही नहीं पाती हैं.

 

पुराने कुछ आंकडों पर डालें नजर- 

 

पूरे भारत में इंडिया हार्ट वाच द्वारा कार्डियोवर्स्किुलर पर रिसर्च की गई जिसमें 6000 प्रतिभागियों ने भाग लिया. लेकिन इनमें से 57 फीसदी को ही अपनी स्थिति के बारे में पता था कि वे हाइपरटेंशन से पीडि़त हैं.

 

कोयंबटूर के 2014 की एक रिसर्च में बमुश्किल 48 फीसदी प्रतिभागियों को ही हृदय जोखिम कारकों के बारे में पता था.

 

2014 में पैन इंडिया स्टडी में 12,608 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमें से 21 फीसदी हाइपरटेंशन से पीडि़त थे. इनमें से 4.76 फीसदी को ही अपनी स्थिति के बारे में पता था.

 

2011 केरला में एक रिसर्च की गई जिसमें से 86 फीसदी ही बता पाए कि उन्होंने ओरल कैंसर के बारे में सुना है जबकि 62 फीसदी ओरल कैंसर के सही कारणों के बारे में बता पाए.

 

2014 की एक रिसर्च बताती है कि आधे से भी कम लोगों ने डायबिटीज के बारे में सुना है. वहीं इनमें से भी आधे लोग ही ये जानते हैं कि डायबिटीज को रोका जा सकता है वे ये भी जानते हैं कि डायबिटीज अन्य अंगों को भी प्रभावित करती है.

 

गैट्स इंडिया की रिसर्च बताती है कि 2 फीसदी भारतीय ऐसे हैं जो धूम्रपान से होने वाली बीमारियों के बारे में तो जानते हैं पर वो बीमारी क्या है इसके बारे में उन्हें नहीं पता.  85 फीसदी इस बात पर विश्वास करते हैं कि धूम्रपान से लंग कैंसर होता है. 64 फीसदी मानते हैं कि धूम्रपान से हार्ट अटैक हो सकता है जबकि 49 फीसदी इस बात पर विश्वास करते हैं कि धूम्रपान से स्ट्रोक होता है.

 

फाइट क्रोनिक डिजीज के चेयरमैन मि.केननाथ ईथॉर्प का कहना है कि लोगों ने नॉन कम्यूनिकेबल बीमारियों के बारे में सुना जरूर है लेकिन सिर्फ सुनने से काम नहीं चलता.

 

येल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर मि.डेविड कार्टज का कहना है‍ कि कई बार लोग जानकारी को नजर अंदाज भी कर देते हैं. वहीं कई बार तो अधिक जानकारी भी उनको अधिक उलझा देती है.

 

वे आगे कहते हैं कि एक दिन लोगों को सुनने को मिलता है कि कॉफी अच्छी है, वहीं दूसरे दिन लोगों को सुनने को मिलता है कॉफी बुरी है. इससे लोगों को अधिक कन्फ्यूजन होगा और वो पूरा मामला ही नजरअंदाज कर देंगे. डेविड कहते हैं कि जानकारी सीधी और साफ-साफ होनी चाहिए. जैसे कि रोज 30 मिनट व्यायाम करना चाहिए. चीनी और नमक कम खाना चाहिए. धूम्रपान नहीं करना चाहिए इत्यादि.

 

वहीं मि. केननाथ कहते हैं अगर हमने सेहत के बारे में गंभीरता से सोचना है तो लोगों को ऐसी बीमारियों के बारे में भी पता होना चाहिए जो नॉन कम्यूनिकेबल हैं. इन बीमारियों के शुरूआती लक्षण क्या हैं. इनकी रोकथाम कैसे होती है. जैसी बातों के बारे में भी पता होना चाहिए.

 

वे कहते हैं कि कई बार लोग बढ़ती उम्र के कारण होने वाले शारीरिक बदलावों को समझकर गंभीर बीमारियों को नजरअंदाज कर देते हैं. लोग सिर्फ रेगुलर चेकअप के जरिए ही बड़ी बीमारियों को शुरूआत में पहचान सकते हैं.

 

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, हर चार में से एक भारतीय नॉन कम्यूयनिकेबल बीमारियों जैसे – हाइपरटेंशन, डायबिटीज, कैंसर, हृदय रोगों के चलते जल्दी, ही (70 की उम्र से पहले) मर सकते हैं.

Health News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Lifestyle diseases increase death risk of 25% Indians, before they turn 70: Study
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Related Stories

कैंसर की हर स्टेज के बारे में बताएगा ये नया ब्लड टेस्ट सिस्टम!
कैंसर की हर स्टेज के बारे में बताएगा ये नया ब्लड टेस्ट सिस्टम!

न्यूयॉर्क: स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक नए प्रकार का सस्ता मॉलिक्यूलर ब्लड...

घुटने के दर्द से परेशान लोगों के लिए आई अच्छी खबर, सस्ता होगा इलाज!
घुटने के दर्द से परेशान लोगों के लिए आई अच्छी खबर, सस्ता होगा इलाज!

नई दिल्लीः मोदी सरकार ने ‘नी रिप्लेसमेंट’ सर्जरी यानि घुटने के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले...

युवाओं में बढ़ रही पैर सूजने की बीमारी, बचने के लिए करें ये उपाय
युवाओं में बढ़ रही पैर सूजने की बीमारी, बचने के लिए करें ये उपाय

नई दिल्ली: एक हालिया रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ‘वैरिकोज वेन्स’ यानी पैरों की नसें...

खुशखबरी! अब पौधे से तैयार हुई वैक्सीन खत्म करेगी पोलियो वायरस
खुशखबरी! अब पौधे से तैयार हुई वैक्सीन खत्म करेगी पोलियो वायरस

लंदन: वैज्ञानिकों ने पौधे का इस्तेमाल कर पोलियो वायरस के खिलाफ एक नया टीका विकसित किया है. इस...

म्यांमार में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 25 हुई
म्यांमार में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 25 हुई

नेपीथा: म्यामांर में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 25 तक पहुंच गई है. ‘एफे न्यूज’ ने...

उप्र में स्वाइन फ्लू को लेकर जारी हुई गाइडलाइन
उप्र में स्वाइन फ्लू को लेकर जारी हुई गाइडलाइन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में स्वाइन स्वाइन फ्लू का असर तेजी से...

सावधान! ब्रेस्ट कैंसर से हर साल 76,000 भारतीय महिलाओं की मौत की आशंका
सावधान! ब्रेस्ट कैंसर से हर साल 76,000 भारतीय महिलाओं की मौत की आशंका

दुबई: शुरुआती पहचान में देरी की वजह से ब्रेस्ट कैंसर का समय पर इलाज नहीं हो पाता. एक शोध की...

OMG! शराब के बल पर ऑक्सीजन के बिना जीवित रहती है गोल्डफिश
OMG! शराब के बल पर ऑक्सीजन के बिना जीवित रहती है गोल्डफिश

लंदन: वैज्ञानिकों के एक समूह ने गोल्डफिश को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. वैज्ञानिकों के...

गुजरात में स्वाइन फ्लू का कहर, रविवार को 11 तो इस साल अब तक 208 की मौत
गुजरात में स्वाइन फ्लू का कहर, रविवार को 11 तो इस साल अब तक 208 की मौत

अहमदाबाद शहर स्वाइन फ्लू से सबसे ज्यादा प्रभावित है. प्रशासन भरपूर कोशिश कर रहा है लेकिन...

गोरखपुरः मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन? ऑक्सीजन की कमी या एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिन्ड्रोम
गोरखपुरः मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन? ऑक्सीजन की कमी या एक्यूट...

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017