बच्चों के ज्वॉइंट्स में इंफेक्शन का कारण कहीं ये तो नहीं!

बच्चों के ज्वॉइंट्स में इंफेक्शन का कारण कहीं ये तो नहीं!

बच्चों के गले में किसी खास बैक्टीरिया की मौजूदगी हड्डी और जोड़ों के इंफेक्शन का संकेत दे सकती है. इस बैक्टीरिया के कारण बच्चों के चलने-फिरने पर तो बुरा प्रभाव पड़ ही सकता है...

By: | Updated: 06 Sep 2017 09:25 AM

टोरंटो: वैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों के गले में किसी खास बैक्टीरिया की मौजूदगी हड्डी और जोड़ों के इंफेक्शन का संकेत दे सकती है. इस बैक्टीरिया के कारण बच्चों के चलने-फिरने पर तो बुरा प्रभाव पड़ ही सकता है, साथ ही साथ मौत का खतरा भी हो सकता है.


क्या कहती है रिसर्च-
एक नई रिसर्च में शोधकर्ताओं ने पाया कि बच्चों के गले में पाए जाने वाला बैक्टीरिया किंगेला किंगे इसी बैक्टीरिया के कारण होने वाले हड्डियों और जोड़ों के इंफेक्शन से जुड़ा है.


पहले जोड़ों के इंफेक्शन की वजह थे ये बैक्टीरिया-
इससे पहले माना जाता था कि अधिकतर इंफेक्शन स्टेफेलोकोकस, स्ट्रेप्टोकोकस और हेमोफीलस इंफ्लूएंजा टाइप बी बैक्टीरिया की वजह से होता है. तब इनका इलाज लंबे समय तक चलने वाले एंटीबायोटिक और या सर्जरी से किया जाता था.


पिछले कुछ साल में बेहद सेंसेटिव टेक्नीक के कारण इन इंफेक्शंस के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया की सटीक पहचान संभव हो सकी.


कैसे की गई रिसर्च-
शोधकर्ताओं ने छह माह से चार साल तक के 77 बच्चों पर रिसर्च की. इन्हें हड्डी या जोड़ों इंफेक्शन के संदेह के चलते भर्ती कराया गया था. इनमें से 65 बच्चों को पक्के तौर पर हड्डी या जोड़ों का इंफेक्शन था.


रिसर्च के नतीजे-
उन्होंने पाया कि चार साल से कम उम्र के जिन बच्चों में हड्डी या जोड़ों का इंफेक्शन पाया गया था, उनमें से अधिकतर बच्चे किंगेला किंगे बैक्टीरिया से संक्रमित थे.


क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
कनाडा के मोंट्रियल विश्वविद्यालय के जोसलेन ग्रेवल ने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि हमने यह पता लगाया क जिन बच्चों को हड्डी या जोड़ों का इंफेक्शन था, उनके गले में ये बैक्टीरिया मौजूद थे.


नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

हेल्थ से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर,गूगल प्लस, पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App
Web Title: बच्चों के ज्वॉइंट्स में इंफेक्शन का कारण कहीं ये तो नहीं!
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार

First Published:
Next Story In Graphics: हार्ट वाल्व बदलना अब होगा आसान, 'टावी' टेक्नीक से होगा ये संभव