Wonder Uses of Basil Leaves for headache, chest problems and dental problems|अलग-अलग बीमारियों में तुलसी का ऐसे करें उपयोग, होगा लाभ ही लाभ

लाइलाज बीमारियों का इलाज है तुलसी, ऐसे करें तुलसी का उपयोग

तुलसी सांस की बीमारी, मुंह के रोगों, फीवर, अस्थमा, लंग डिजीज, हार्ट डिजीज और स्ट्रेस से छुटकारा पाने में रामबाण साबित होती है.

By: | Updated: 25 Nov 2017 10:26 AM
Wonder Uses of Basil Leaves for headache, chest problems and dental problems

नई दिल्ली: तुलसी सांस की बीमारी, मुंह के रोगों, फीवर, अस्थमा, लंग डिजीज, हार्ट डिजीज और स्ट्रेस से छुटकारा पाने में रामबाण साबित होती है. तुलसी शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में, वायरल इंफेक्शन, बालों और त्वचा के रोगों में भी कारगर उपाय है.


पंतजलि आयुर्वेद हरिद्वार के आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, तुलसी अनेक लाइलाज और लाइफस्टाइल से जुड़े रोगों का बेहतर इलाज है. उन्होंने कहा कि कई लाइलाज बीमारियों में तुलसी के प्रयोग से सस्ता इलाज किया जा सकता है. चलिए जानते हैं तुलसी के उपायों के बारे में.




  • तुलसी की ड्राई मंजरी (दानों) के 1-2 ग्राम चूर्ण को शहद के साथ खाने से मानसिक रोगों में लाभ होता है.

  • तुलसी के 5 पत्तों को रोज पानी के साथ निगलने से दिमाग तेज होता है और दिमाग सुचारू रूप में काम करता है.

  • तुलसी के तेल की 1-2 बूंद नाक में टपकाने से पुराने सिरदर्द संबंधी रोग दूर होते हैं.

  • तुलसी के तेल को सिर में लगाने से जुएं और लीखें मर जाती हैं.

  • तेल को चेहरे पर मलने से चेहरे का रंग साफ हो जाता है.

  • तुलसी के पत्तों के रस को गर्म करके 2-2 बूंद कान में टपकाने से कान का दर्द दूर होता है.

  • तुलसी के पत्ते, एरंड की कॉपलें और चुटकी भर नमक को पीसकर कान पर उसका गुनगुना लेप करने से कान के पीछे की सूजन दूर होती है.

  • काली मिर्च और तुलसी के पत्तों की गोली बनाकर दांत के नीचे रखने से दांत का दर्द दूर होता है.

  • तुलसी के रस को हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर कुल्ला करने से गले के रोगों में लाभ होता है.

  • तुलसी के रस में पानी, हल्दी और सेंधा नमक मिलाकर कुल्ला करने से मुंह, दांत और गले के रोग दूर होते हैं.

  • वोमेटिंग होने पर 10 मिली तुलसी पत्तों के रस में इतना ही अदरक का रस मिलाकर 500 मिग्रा इलायची पाउडर मिलाकर लेने से आराम मिलता है.

  • तुलसी पत्तों के रस को दिन में तीन बार खाने से पहले पिलाने से एसिडिटी की समस्या दूर होती है.

  • तुलसी की 2 ग्राम मंजरी को पीसकर काले नमक के साथ दिन में 3 से 4 बार देने से अपच में लाभ होता है.

  • तुलसी की मंजरी, सोंठ, प्याज का रस और शहद मिलाकर चटाने से सूखी खांसी और बच्चे के अस्थमा में लाभ होता है.

  • छोटे बच्चों को सर्दी जुकाम होने पर तुलसी और 5-7 बूंद अदरक रस को शहद में मिलाकर चटाने से बच्चों का कफ, सर्दी, जुकाम ठीक हो जाता है पर नवजात शिशु को यह मिश्रण बहुत कम मात्रा में ही दें.


तुलसी का काढ़ा-
सर्दी, खांसी और जुकाम में मंजरी सहित तुलसी के पत्ते 50 ग्राम, अदरक 25 ग्राम और काली मिर्च 15 ग्राम लेकर इन सबको आधा लीटर पानी में मिलाकर काढ़ा बनाएं. जब ये काढ़ा एक चौथाई रह जाए तो इसमें 10 ग्राम छोटी इलायची के बीजों को पीसकर डालें और 200 ग्राम चीनी डालकर पकायें और चाश्नी बनने पर छान लें. इस शर्बत को आधे से डेढ़ चम्मच की मात्रा में बच्चों को और 2 से चार चम्मच तक बड़ों को सेवन कराने से खांसी, सांस सबंधी दिक्कत, काली खांसी, कफ, गले की खराश सभी में फायदा होता है. इस शर्बत में गर्म पानी मिलाकर लेने से जुकाम और अस्थमा में बहुत लाभ होता है.


नोट: ये एक्सपर्ट के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.

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Web Title: Wonder Uses of Basil Leaves for headache, chest problems and dental problems
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