अखिलेश यादव आजमा रहे हैं 'राहुल फॉर्मूला'

By: | Last Updated: Friday, 16 August 2013 6:04 AM

लखनऊ: गांवों
में जाकर विकास कार्यों का
औचक निरीक्षण और सीधे
ग्रामीणों से मुखातिब होकर
उनसे समस्याएं सुनने के लिए
राहुल गांधी मशहूर हैं. लगता
है कि अब उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी
रणनीति के तहत जनता को लुभाने
के लिए उन्हीं की राह पर चल
पड़े हैं.

बीते दिनों
उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी
राहुल गांधी के अंदाज में
काफिले के साथ औचक भ्रमण कर
विकास कार्यो की हकीकत जानने
के लिए रायबरेली पहुंचे और
सीधे लोगों से मिलकर हकीकत से
रुबरू होने की कोशिश की.
शिकायतें और खामियां मिलने
पर उन्होंने अधिकारियों के
खिलाफ कार्रवाई की.

सपा
प्रदेश कार्यकारिणी के एक
वरिष्ठ नेता ने बताया कि
मुख्यमंत्री अखिलेश आने
वाले दिनों में राज्य के अन्य
हिस्सों में भी इस तरह के औचक
निरीक्षण करने पहुंचेंगे. वो
विकास कार्यो की हकीकत मौके
पर जाकर खुद देखेंगे और जहां
लापरवाही दिखेगी वहां के
अधिकारियों के खिलाफ
कार्रवाई करेंगे.

राजनीति
में दाखिल होने के बाद राहुल
अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी
सहित गांधी परिवार के दूसरे
गढ़ों रायबरेली और
सुल्तानपुर में अचानक रात
में गांवों के दौरे पर औचक
भ्रमण करने पहुंच जाते थे. वो
लोगों से केंद्र सरकार की
योजनाओं की जानकारी व प्रगति
के बारे में जानकारी लेते थे.
इस दौरान राहुल ग्रामीणों के
घरों में खाना भी खाते थे.

बीते
विधानसभा चुनाव के दौरान
राहुल रायबरेली और अमेठी के
बाहर बुंदेलखंड और पूर्वाचल
जैसे पिछड़े इलाकों में
गांवों में जाकर लोगों से
मिलते थे. राहुल जैसे
राष्ट्रीय कद के नेता का इस
तरह गरीबों के बीच जाकर उनकी
परेशानियां जानने का ये
अंदाज बहुत पसंद किया गया.
उनके इस अंदाज से पुलिस,
प्रशासन और मीडिया में
हड़कम्प मच जाता था.

8
अगस्त को मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव भी औचक भ्रमण कर
विकास कार्यों की हकीकत
जानने के लिए रायबरेली के रैन
गांव पहुंचे और सीधे
ग्रामीणों से मुखातिब होकर
उनकी दिक्कतों को सुना.

इस
दौरान अखिलेश शिक्षा
व्यवस्था की सच्चाई जानने के
लिए स्थानीय सरकारी स्कूल गए
और बच्चों से सवाल जवाब किए.
मध्याह्न् भोजन (मिड डे मील)
की गुणवत्ता परखने के लिए खुद
उसे चखकर भी देखा.

अखिलेश
के इस अंदाज को भले ही
विपक्षी दलों ने स्टंट और
दिखावा बताया लेकिन उनकी
प्रशंसा भी हुई. युवा
मुख्यमंत्री अखिलेश को आगे
करके पार्टी कम से कम उत्तर
प्रदेश में आगामी लोकसभा
चुनावों में मैदान में
उतरेगी. माना जा रहा है कि
कानून व्यवस्था सहित तमाम
मुद्दों पर घिरे अखिलेश
रणनीति के तहत जनता के बीच एक
मिलनसार और जमीनी नेता की छवि
बनाना चाहते हैं.

अखिलेश
और उनकी पार्टी अपनी इस कयावद
में कितनी सफल होगी ये तो
भविष्य में पता चलेगा लेकिन
कांग्रेस के नेता अखिलेश के
इस कदम को केवल राजनीतिक लाभ
लेने की कोशिश बता रहे हैं.
कांग्रेस नेता अमरनाथ
अग्रवाल कहते हैं कि औचक
निरीक्षण कर विकास कार्यों
की हकीकत जानना एक स्वागत
योग्य कदम है लेकिन ये केवल
लोकसभा चुनाव से पहले महज कुछ
समय के लिए नहीं बल्कि लगातार
पांच साल तक किया जाए.

वहीं
सपा के प्रवक्ता राजेंद्र
चौधरी कहते हैं कि सपा ऐसी
पार्टी है जो हमेशा से गरीबों
के बीच जाकर उनके दुख दर्द के
लिए संघर्ष करती आई है. हमारे
नेता किसी की नकल नहीं करते
बल्कि अन्य दलों के नेता
हमारे नेताओं की नकल करते
हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: अखिलेश यादव आजमा रहे हैं ‘राहुल फॉर्मूला’
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017