अच्छे दिन नहीं आने वाले हैं!

अच्छे दिन नहीं आने वाले हैं!

By: | Updated: 24 Apr 2014 02:45 PM
नई दिल्ली: देश के मौसम विभाग ने गुरुवार को आगामी वर्षा ऋतु में कम बारिश की भविष्यवाणी की है. भविष्यवाणी में कहा गया है कि मानसूनी बारिश पांच प्रतिशत की घट-बढ़ के साथ औसत के 95 फीसदी होने की संभावना है. इसके साथ ही समूचे देश में जून-सितंबर महीने में पांच प्रतिशत की घट बढ़ के साथ औसत वर्षा 88 फीसदी होगी.

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग के वर्गीकरण के मुताबिक दीर्घकालीन औसत के 96 फीसदी से 104 फीसदी के बीच की बारिश को सामान्य बारिश माना जाता है. इससे कम को सामान्य से कम और इससे अधिक को सामान्य से अधिक वृष्टि माना जाता है. मौसम विभाग अगली अद्यतन भविष्यवाणी जून में जारी करेगा.

 

देश की अर्थव्यवस्था मानसून पर व्यापक तौर पर निर्भर है. अच्छी मानूसनी बारिश से खरीफ की फसलों को फायदा होता है, जो देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में आधा योगदान करता है. इसमें चावल, मसूर की दाल, तिलहन, सब्जी और गन्ना शामिल है.

 

मानसूनी बारिश अच्छी रहने का देश की अर्थव्यवस्था पर सुखद असर पड़ता है. इस नाते मौसम विभाग द्वारा कम बारिश होने का अंदेशा केंद्र में आने वाली नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है.

 

कम बारिश से फसलों का उत्पादन घटने से महंगाई बढ़ सकती है, जिसे कम करने के लिए देश की सरकार काफी समय से प्रयत्न कर रही है. महंगाई बढ़ने के कारण कारोबारियों की भारतीय रिजर्व बैंक से ब्याज दर घटाने की उम्मीद पर भी पानी फिर सकता है. इसका असर शेयर बाजार पर भी नकारात्मक रह सकता है.

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