अजित के इस्तीफे के बाद एनसीपी दो खेमों में बंटी?

अजित के इस्तीफे के बाद एनसीपी दो खेमों में बंटी?

By: | Updated: 26 Sep 2012 03:40 AM


मुंबई
/ पुणे:
महाराष्ट्र में
राजनीतिक संकट बरकरार है. अब
से कुछ देर में मुंबई में
एनसीपी विधायक दल की बैठक हो
रही है.










पहले ये खबर आई थी कि बैठक टल
गई है लेकिन अब ये साफ हो गया
है कि बैठक होगी लेकिन सिर्फ
विधायक बाबा साहेब कुपेकर को
श्रद्धांजलि देकर खत्म हो
जाएगी. अगली रणनीति पर फैसला
शुक्रवार को शरद पवार के आने
पर होगा.










बैठक को लेकर आज दिनभर
सस्पेंस बना रहा, इससे पहले
दिल्ली में प्रफुल्ल पटेल ने
कहा था कि बैठक नहीं होगी.




एनसीपी के बड़े नेता छगन
भुजबल ने बताया है कि जो भी
फैसला होना है वो शरद पवार के
आने के बाद शुक्रवार को होगा.




निर्दलीय विधायक साथ




महाराष्ट्र में
कांग्रेस-एनसीपी की सरकार पर
खतरे के बादल और गहरा गए हैं.
महाराष्ट्र सरकार को समर्थन
दे रहे 12 निर्दलीय विधायकों
ने कहा है कि वो सरकार के साथ
तभी रहेंगे जब अजित पवार
सरकार में मंत्री रहें.




निर्दलीय विधायकों के
मुताबिक अजित पवार के
महाराष्ट्र सरकार से हटने के
बाद महाराष्ट्र सरकार का साथ
छोड़ देंगे. महाराष्ट्र में
एनसीपी के 62 विधायक हैं,
निर्दलीय विधायकों के रुख से
साफ है कि महाराष्ट्र सरकार
पर खतरा कितना गंभीर है.




वर्चस्व की लड़ाई?




अजित पवार के इस्तीफे के बाद
महाराष्ट्र में पैदा हुए
राजनीतिक संकट को पवार
परिवार में वर्चस्व की लड़ाई
कहा जा रहा है. सूत्रों के
मुताबिक अजित पवार और शरद
पवार के खेमे की इस मुद्दे पर
राय बंटी हुई है.




अजित पवार का खेमा चाहता है
कि आज एनसीपी विधायक दल की
बैठक हो जबकि शरद पवार का
खेमा चाहता है कि आज बाबा
साहेब कुपेकर को
श्रध्दांजलि देने के बाद
बैठक स्थगित कर दी जाए.




क्या है मामला




सत्तर हजार करोड़ रुपये के
सिंचाई घोटाले के आरोप में
घिरने के बाद अजित पवार ने कल
महाराष्ट्र के
उपमुख्यमंत्री पद से
इस्तीफा दे दिया था. हालांकि
विपक्ष अजित पवार के इस कदम
को कांग्रेस पर दबाव बनाने के
लिए नाटक बता रहा है.




महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री
पृथ्वीराज चव्हाण ने अजित
पवार के इस्तीफे की पेशकश के
बाद कल एनसीपी अध्यक्ष शरद
पवार से बात की थी. पवार ने
उन्हें भरोसा दिलाया था कि
महाराष्ट्र की
कांग्रेस-एनसीपी सरकार को
कोई खतरा नहीं है.




फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story संजय निरूपम ने तोगड़िया के आरोपों की जांच की मांग की