अपने पापा के सात हत्यारों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले पर बोले राहुल, कहा- आम आदमी कैसे करे इंसाफ की उम्मीद?

By: | Last Updated: Wednesday, 19 February 2014 12:58 PM

नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सात हत्यारों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया आई है. राहुल गांधी ने कहा है कि अगर एक पूर्व प्रधानमंत्री के हत्यारों को छोड़ा जाएगा तो आम आदमी इंसाफ की उम्मीद कैसे करेगा? राहुल गांधी सवाल उठा रहे हैं लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या कांग्रेस की वजह से ही छूटे राजीव गांधी के हत्यारे?

 

 

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के तीन हत्यारे अब जल्द रिहा हो सकते हैं. इसके अलावा उम्र कैद की सजा काट रहे चार कैदियों नलिनी, जयकुमार, रॉबर्ट पायोस और रविचंद्रन को भी रिहा करने का तमिलनाडु सरकार ने फैसला किया है. हत्या के सभी दोषी 23 साल जेल में सजा काट चुके हैं. राज्य सरकार ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए रिहाई का फैसला किया है.

 

कानून की धारा 435 के मुताबिक चूंकि केस की जांच सीबीआई ने की थी इसलिए राज्य सरकार को केंद्र से मंजूरी लेनी होती है. हालांकि जयललिता ने कहा है कि अगर तीन दिनों के भीतर कोई जवाब नहीं आया तो धारा 432 में राज्य सरकार को दोषियों को रिहा करने का अधिकार है. लेकिन कानून के जानकारों का कहना है कि वक्त की ऐसी कोई सीमा नहीं है और केंद्र की मंजूरी के बगैर रिहाई मुमकिन नहीं है.

 

फांसी से फ्री होने तक

 

1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद निचली अदालत ने 1998 में सभी 26 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी. साल  2000 में सुप्रीम कोर्ट ने चार को फांसी की सजा दी, तीन को उम्र कैद मिली और बाकी 19 दोषियों को छोड़ दिया गया. दोषियों में शामिल मुरुगन की पत्नी नलिनी की सजा सोनिया गांधी की अपील पर उम्रकैद में बदल दी गई. जबकि तीन दोषियों ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल की. उनकी दया याचिका 2011 में खारिज हो गई. तीनों को फांसी पर चढ़ाने की तैयारी होने लगी लेकिन फांसी से ठीक पहले 2011 में मद्रास हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी. इसके बाद मामला दोबारा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया.

 

 

साल 2004 से केंद्र में कांग्रेस की सरकार है. पहले यूपीए के कार्यकाल में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के पास दया याचिका पड़ी रही और अब एक बार फिर गेंद केंद्र के पाले में है. अब केंद्र को तय करना है कि वह रिहाई पर मुहर लगा दे या जयललिता के फैसले पर रोक. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या कांग्रेस ने राजीव गांधी के हत्यारों को बचाया?

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: अपने पापा के सात हत्यारों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले पर बोले राहुल, कहा- आम आदमी कैसे करे इंसाफ की उम्मीद?
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017