अल्पसंख्यक आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

अल्पसंख्यक आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

By: | Updated: 12 Jun 2012 10:07 PM


नई दिल्ली: ओबीसी कोटे
में से अल्पसंख्यकों को
साढ़े चार फीसदी आरक्षण देने
के मामले में आज सुप्रीम
कोर्ट में अहम सुनवाई है. आज
केंद्र कोर्ट को बताएगा कि
किस आधार पर अल्पसंख्यक
आरक्षण का फैसला किया गया.




इससे पहले कोर्ट की फटकार के
बाद केंद ने कोर्ट में वैसे
सभी दस्तावेज पेश किए हैं
जिनके आधार पर साढ़े चार
फीसदी अल्पसंख्यक आरक्षण का
फैसला लिया गया था.




सुप्रीम कोर्ट पर टिकी है आज
पूरे देश की निगाह कि केंद्र
को कोर्ट से मिलेगी राहत की
खबर या साढे चार फीसदी
अल्पसंख्यक आरक्षण के फैसले
पर फटकार.




अल्पसंख्यक आरक्षण के मामले
में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम
सुनवाई है. आज केंद्र सरकार
कोर्ट में बताएगी कि किन
आधारों पर ओबीसी कोटे के
सत्ताइस फीसदी में से साढ़े
चार फीसदी आरक्षण
अल्पसंख्यकों को देने का
फैसला किया गया.

क्या है
अल्पसंख्यक आरक्षण का मामला





उत्तर प्रदेश विधानसभा
चुनाव के ठीक पहले बाइस
दिसंबर दो हजार ग्यारह को
केंद्र सरकार ने अधिसूचना
जारी की थी कि ओबीसी कोटे के
सत्ताइस फीसदी में से साढ़े
चार फीसदी आरक्षण
अल्पसंख्यकों को दिया जाएगा.




इसी आरक्षण पर विवाद है.
आरक्षण के इस पत्ते का बावजूद
कांग्रेस यूपी में मनमाफिक
सीटें नहीं पा पाईं थी.
 
अभी
कैसे मिलता है आरक्षण


केंद्र
सरकार के नियम के मुताबिक अभी
तक ओबीसी कोटे को सत्ताइस
फीसदी आरक्षण मिलता था.
शिड्यूल कास्ट को पंद्रह
फीसदी और शिड्यूल ट्राइब्स
को साढ़े सात फीसदी आरक्षण का
प्रावधान है.

केंद्र
सरकार की नई अधिसूचना के
मुताबिक ओबीसी कोटे के
सत्ताइस फीसदी में से ही
साढ़े चार फीसदी आरक्षण
अल्पसंख्यकों को दिये जाने
का एलान किया गया है.

केंद्र
के फैसले को हाईकोर्ट में
चुनौती


ओबीसी कोटे में
से अल्पसंख्यकों को आरक्षण
देने के केंद्र के फैसले को
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में
चुनौती दी गई. याचिकाकर्ता का
कहना था कि सरकार को ओबीसी के
कोटे में से अल्पसंख्यक को
आरक्षण नहीं देना चाहिए.

इसी
अर्जी पर आंध्र प्रदेश
हाईकोर्ट ने कहा कि धर्म के
आधार पर आरक्षण का फैसला ही
असंवैधानिक है ।

आंध्र
प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को
चुनौती


आंध्र प्रदेश
हाईकोर्ट के फैसले को केंद्र
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में
चुनौती दी. केंद्र सरकार ने
उन तीन सौ पच्चीस छात्रों के
भविष्य का हवाला दिया
जिन्हें साढ़े चार फीसदी
अल्पसंख्यक आरक्षण के आधार
पर ही आईआईटी में दाखिला
मिलने वाला है.

सुप्रीम कोर्ट ने
केंद्र के फैसले पर सरकार से
चार अहम सवाल पूछे-


सुप्रीम
कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि
किस आधार पर लिया गया
अल्पसंख्यकों को आरक्षण
देने का फैसला?

कोर्ट ने
केंद्र से ये भी पूछा कि
फैसला लेने से पहले क्या
अल्पसंख्यक आयोग और पिछड़ी
जाति आयोग से चर्चा की गई थी?

केंद्र
से ये भी पूछा गया कि किन
दस्तावेजों के आधार पर साढ़े
चार फीसदी आरक्षण देने का
फैसला लिया गया?

और केंद्र
को ये भी जवाब देना था कि क्या
इससे ओबीसी कोटे के आरक्षण पर
कोई असर पड़ेगा या नहीं?

कोर्ट
में केंद्र के दस्तावेज


सुप्रीम
कोर्ट के इन सवालों पर केंद्र
की ओर से कोर्ट में तेरह
अगस्त उन्नीस सौ नब्बे को
बनाई गई और आठ सितंबर उन्नीस
सौ तिरानबे को संशोधित की गई
ओबीसी की सूची के अलावा मंडल
कमीशन, रंगनाथ कमेटी और सच्चर
कमेटी की रिपोर्ट को बतौर
दस्तावेज पेश किया गया है.

साथ
ही साढ़े चार फीसदी आरक्षण की
बदौलत आईआईटी में दाखिले के
लिए चुने गए छात्रों की सूची
भी अदालत में सौंपी गई है. आज
केंद्र सरकार इन्हीं
दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट
के सवालों का जवाब देगी.




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