असीम को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

असीम को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

By: | Updated: 10 Sep 2012 02:34 AM








मुंबई / नई दिल्ली:
राष्ट्रिय प्रतीकों का
अपमान करने वाले कार्टून
बनाने के मामले में मुंबई की
एक निचली अदालत ने
कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी
को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत
में भेज दिया है. असीम पर
देशद्रोह का मुकदमा दर्ज
किया गया है.




अदालत में मुंबई पुलिस ने
असीम की हिरासत नहीं मांगी,
लेकिन असीम ने भी जमानत नहीं
मांगी, ऐसे में अदालत ने असीम
को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत
में भेज दिया.




असीम के समर्थकों की मांग है
कि जब तक राजद्रोह का मामला
नहीं हटेगा तब तक असीम न तो
वकील लेंगे, न ही जमानत लेंगे.




इससे पहले असीम त्रिवेदी की
गिरफ्तारी को लेकर विवाद
बढ़ने के बाद मुंबई पुलिस ने
अपनी रणनीति बदल दी. कल कोर्ट
ने 16 सितंबर तक असीम को पुलिस
हिरासत में भेजा था लेकिन आज
पुलिस ने अदालत ने में कहा कि
उसे असीम की कस्टडी नहीं
चाहिए.

देश भर में विरोध
की लहर


कानपुर में असीम
के समर्थन में उनके समर्थकों
और परिवार के लोगों ने
प्रदर्शन किया है. प्रदर्शन
में असीम की मां प्रतिभा और
पिता अशोक भी शामिल हुए.

मुंबई
के बांद्रा पुलिस थाने पर
इंडिया अगेंस्ट करप्शन के
कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन
किया है. प्रदर्शनकारियों का
कहना था कि जब तक राजद्रोह का
मामला नहीं हटेगा तब तक असीम
की ओर से न तो वकील की मांग की
जाएगी, न ही जमानत मांगी
जाएगी.

कार्टूनिस्ट की
गिरफ्तारी से बड़ा सवाल ये उठ
रहा है कि क्या कार्टून बनाना
अपराध है.

क्या है मामला

कार्टूनिस्ट
असीम त्रिवेदी हैं जिनपर
मुंबई पुलिस ने देशद्रोह का
मुकदमा दर्ज किया है. असीम
त्रिवेदी अन्ना के आंदोलन से
जुड़े उन चेहरों में एक हैं
जिन्होंने पर्दे के पीछे
रहकर अपने कार्टून के जरिए
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज
बुलंद की.

मुंबई में अन्ना के
आंदोलन के दौरान भी असीम
कार्टून के जरिए लोगों को
भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक
करने में लगे थे. इसी दौरान
एमएमआरडीए मैदान में बनाए गए
उनके कार्टून को आधार बनाकर
उनके खिलाफ बांद्रा कुर्ला
कॉम्पलेक्स में देशद्रोह का
केस दर्ज किया गया था.

मुंबई
पुलिस के मुताबिक असीम पर
राष्ट्रीय चिह्न के अपमान का
आरोप है. शनिवार शाम को असीम
ने सरेंडर कर दिया. बांद्रा
कोर्ट पहुंचे इंडिया
एगेंस्ट करप्शन के सदस्यों
ने आरोप लगाया है कि उन्होंने
देश का अपमान नहीं किया बल्कि
सरकार का अपमान करने की सजा
उन्हें सजा दी जा रही है.

असीम
के दोस्त का दावा है कि जब से
असीम अन्ना के आंदोलन के साथ
जुड़े तब से पुलिस उनके पीछे
पड़ी थी.

सिर्फ मुंबई में
ही नहीं दिल्ली के जंतर मंतर
पर भी अन्ना के आंदोलन में
असीम ने अपने कार्टून के जरिए
लोगों को जगाने की कोशिश की
थी. 25 जुलाई को अन्ना के
आंदोलन के दौरान एबीपी न्यूज
संवाददाता निपुण सहगल ने
असीम से उनके कार्टून के बारे
में बात भी की थी.

ये पहला
मामला नहीं है जब कार्टून के
खिलाफ मामला कोर्ट तक पहुंचा
है. पश्चिम बंगाल की
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने
भी अपने खिलाफ बनाए एक
कार्टून पर कार्टून बनाने
वाले प्रोफेसर को जेल भिजवा
दिया था.




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