आंध्र अन्य राज्यों के साथ 'मी सेवा' साझा करेगा

आंध्र अन्य राज्यों के साथ 'मी सेवा' साझा करेगा

By: | Updated: 15 Nov 2012 09:16 PM


हैदराबाद:
आंध्र प्रदेश अपनी
ई-प्रशासन पहल 'मी सेवा' को
दूसरे राज्यों के साथ साझा
करने पर सहमत हो गया है. मी
सेवा का अर्थ है-आपकी सेवा
में.

एक साल पहले शुरू हुई
मी सेवा के तहत सरकार 45 सेवा
दे रही है और वह दो से तीन
महीने में इसकी संख्या 100 तक
करना चाहती है.

इसके तहत
जन्म, जाति और आय प्रमाणपत्र
जारी करने जैसी सेवा 15 से 20
मिनट में दी जा रही, जिसमें
पहले 10 से 15 दिन लग जाते थे.

राज्य
के मुख्यमंत्री एन किरण
कुमार रेड्डी ने गुरुवार को
ईइंडिया कार्यक्रम में यहां
केंद्र सरकार के
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना
प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव
जे. सत्यनारायण के सुझाव को
स्वीकार कर लिया.

सत्यनारायण
ने सुझाव दिया था कि मी सेवा
को राष्ट्र को समर्पित कर दी
जाए ताकि मामूली संशोधन करने
के बाद इस तैयार मंच का दूसरे
राज्य भी उपयोग कर सकें.

उन्होंने
कहा कि देश भर में विभिन्न
ई-प्रशासन परियोजना के तहत 8.2
करोड़ लोगों को नागरिक सेवा
की आपूर्ति की जा रही है.
उन्होंने कहा, "हम 2013 तक इस
संख्या को बढ़ाकर 15 करोड़ और
2014 तक बढ़ाकर 30 करोड़ करना
चाहते हैं."

मुख्यमंत्री
ने बताया कि मी सेवा का
साधारण नागरिकों को काफी लाभ
मिला है. एक अनुमान के
मुताबिक इसने आम लोगों के पास
सलाना 4,000 करोड़ रुपये से 6,000
करोड़ रुपये बचाए, जो पहले वे
सरकारी अधिकारियों को
रिश्वत के रूप में दिया करते
थे.




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