आप में रार, सामने आया केजरीवाल-योगेंद्र का झगड़ा

By: | Last Updated: Thursday, 5 June 2014 7:00 PM

नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ता ही जा रहा है. पार्टी नेता नवीन जयहिंद और योगेंद्र यादव के बीच बढ़ा तनाव अब पार्टी संयोजक अरविंद केरीवाल तक पहुंच गया है और दोनों के बीच पहली बार झगड़ा खुलकर सामने आ गया है.

 

मामला सामने आया मनीष सिसोदिया की चिट्ठी से जो उन्होंने योगेंद्र यादव को लिखी है. आपको बता दें कि यह मामला योगेंद्र यादव और हरियाणा में पार्टी के नेता नवीन जयहिंद के बीच झगड़े को लेकर शुरु हुआ था. चिट्ठी में सिसोदिया ने सबसे बड़ी बात है ये लिखी है कि अरविंद पूरे देश में लोकसभा चुनाव लड़ने के सख्त खिलाफ थे. अरविंद कुछ साल तक केवल दिल्ली की राजनीति करना चाहते थे. लेकिन आप और कुछ अन्य सदस्य पूरे देश में लोकसभा चुनाव के पक्ष में थे. नतीजे हमारे सामने हैं.

 

मनीष सिसौदिया ने चिट्ठी में लिखा है- ‘पिछले 15 दिन से आपके और नवीन जयहिन्द के बीच बहुत ही गंदा झगड़ा चल रहा है,. दुःख की बात है कि आप लोग यह झगड़ा पब्लिक और मीडिया के बीच कर रहे हैं. इससे पार्टी की लगातार बदनामी हो रही है. इससे भी ज्यादा दुःख की बात यह है कि आप नवीन जय हिन्द के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करवाना चाहते थे. आपकी मर्ज़ी के मुताबिक़ कार्रवाई न होने पर आप जबरन अरविंद को इस लड़ाई में घसीट रहे हैं.’ यहां पढ़ें- मनीष सिसोदिया द्वारा योगेंद्र यादव को लिखा गया पूरा लेटर

 

इस चिट्ठी में मनीष सिसोदिया ने यह भी खुलासा किया है, ‘अरविंद केजरीवाल पूरे देश में लोक सभा चुनाव लड़ने के सख्त खिलाफ थे. अरविंद कुछ साल तक केवल दिल्ली की राजनीति करना चाहते थे. लेकिन आप (योगेंद्र यादव) और कुछ अन्य सदस्य पूरे देश में लोक सभा चुनाव के पक्ष में थे. नतीजे हमारे सामने हैं.’

सिसौदिया ने आगे लिखा है- ‘इस्तीफा देने के दो दिन पहले भी करनाल में आपके और नवीन की बीच कार्यकर्ताओं के समक्ष जमकर झगड़ा हुआ था. आप नवीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते है और अरविंद इसमें आपका साथ नहीं दे रहे तो अब वे पार्टी सुप्रीमो की तरह हो गए हैं.’ यहां पढ़ें- मनीष सिसोदिया द्वारा योगेंद्र यादव को लिखा गया पूरा लेटर

 

सिसौदिया ने आगे लिखा है- ‘दिल्ली सरकार गिराये जाने के बाद आपने हरियाणा में सर्वे करवाया था जिसमें हमें करीब 23 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान था  लेकिन आपकी अगुआई में जब मात्र डेढ़ महीने बाद चुनाव हुए तो हमें केवल 3 प्रतिशत वोट मिले, इसकी समीक्षा की ज़रूरत है. पीएसी के साथी और तमाम कार्यकर्ता इसका जवाब चाहते है कि  ऐसा कैसे हो गया? तो अब आप अरविंद पर सुप्रीमो  होने का आरोप लगाकर मुद्दे को भटकाना चाहते हैं.’ यहां पढ़ें- मनीष सिसोदिया द्वारा योगेंद्र यादव को लिखा गया पूरा लेटर

 

केजरीवाल का क्यों बचाव कर रहे हैं मनीष सिसौदिया-

दरअसल मनीष सिसोदिया ने अपनी चिट्ठी में केजरीवाल का बचाव इसलिए किया है क्यों कि योगेंद्र ने आम आदमी पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति को लिखी चिट्ठी में केजरीवाल के पार्टी के सर्वेसर्वा होने पर सवाल उठाए थे.

 

योगेंद्र यादव ने अपने लेटर में लिखा है- ‘ये आम धारणा है कि आम आदमी पार्टी भी दूसरी पार्टियों की तरह व्यक्तिवाद की शिकार हो रही है. ऐसा लगता है कि पार्टी में महत्वपूर्ण फैसले एक व्यक्ति के इच्छाओं के मुताबिक हो रहे हैं. जब वो अपने फैसले बदले है तो पार्टी को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ती है.’

 

योगेंद्र यादव ने आगे लिखा है- ‘अरविंद भाई साधारण नेता नहीं हैं. इनके राष्ट्रीय संयोजक होने पर भी कोई दो राय नहीं है ना ही मेरे मन में इनके नेतृत्व को लेकर कोई संदेह है. लेकिन सवाल ये है कि एक नेता के भी अधिकार की सीमा होनी चाहिए.’

 

आपको बता दें कि योगेंद्र यादव और केजरीवाल के बीच ये पूरा विवाद हरियाणा में आप के बड़े नेता नवीन जयहिंद को लेकर है जिन्हें योगेंद्र यावद पार्टी से निकलवाना चाहते हैं.

 

योगेंद्र यादव और नवीन जयहिंद ने  आपसी विवाद की वजह से कछ दिन पहले ही पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है हालांकि पार्टी ने अभी तक इन दोनों का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है.