आरुषि केस: नूपुर तलवार को हिरासत में लिया गया

आरुषि केस: नूपुर तलवार को हिरासत में लिया गया

By: | Updated: 29 Apr 2012 09:10 PM


नई दिल्ली:
नोएडा के साल 2008 के बहुचर्चित
आरुषि तलवार और हेमराज
हत्याकांड में आज आरोपी
नूपुर तलवार के गाजियाबाद
में सीबीआई की विशेष अदालत
में आत्मसमर्पण करते ही
उन्हें हिरासत में ले लिया
गया.

गिरफ्तारी के फौरन
बाद नूपुर ने जमानत की अर्जी
दाखिल की, लेकिन सीबीआई ने
उसका विरोध किया. निर्देश के
बावजूद नूपुर के गाजियाबाद
की अदालत में पेश नहीं होने
पर उनके खिलाफ गैर जमानती
वॉरंट जारी किया गया था.

नूपुर
और उनके पति राजेश तलवार जब
सुबह करीब 10:15 बजे पहुंचे तो
पुलिस वहां पहले से मौजूद थी.
नूपुर को पिछले दरवाजे से
अदालत ले जाया गया.

इससे
पहले शुक्रवार को सुप्रीम
कोर्ट ने नूपुर को इस मामले
की सुनवाई कर रही सीबीआई की
विशेष अदालत में समर्पण करने
का निर्देश दिया था. जस्टिस
ए.के. पटनायक की अध्यक्षता
वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने
कहा कि वह निचली अदालत में
समर्पण करने के बाद जमानत की
अर्जी दाखिल कर सकती हैं और
कोर्ट इस मामले को शीघ्र और
योग्यता के आधार पर निपटा
सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने
निर्देश देने के बाद नूपुर की
याचिका पर सुनवाई अगले
शुक्रवार के लिए स्थगित कर
दी. नूपुर ने इस हत्याकांड के
सिलसिले में उनके खिलाफ
मुकदमा चलाने के सुप्रीम
कोर्ट के आदेश के खिलाफ
पुनर्विचार याचिका दायर की
थी. पढ़ें
सीबीआई की क्‍लोजर रिपोर्ट






अगर नूपुर को जमानत नहीं मिली
जो उन्हें डासना जेल में जाना
होगा.




ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट
के आदेश के बाद तलवार को
सोमवार को ग़ाज़ियाबाद की
सीबीआई कोर्ट में सरेंडर
करना ही था.




दूसरी तरफ इलाहाबाद
हाईकोर्ट में भी सीबीआई की उस
याचिका पर सुनवाई होगी
जिसमें सीबीआई ने नूपुर के
खिलाफ तथ्यों को छिपाकर गलत
तरीके से राहत पाने का आरोप
लगाया है.




सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद
नूपुर को आज सीबीआई कोर्ट में
सरेंडर करना था.  सुप्रीम
कोर्ट ने 27 अप्रैल के आदेश में
कहा था कि 30 अप्रैल को सरेंडर
के बाद वो जमानत के लिए अर्जी
दे सकती हैं.





इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी
सुनवाई





13 मार्च को नूपुर तलवार
आरुषि-हेमराज हत्याकांड में
सरेंडर के लिए मोहलत और जमानत
पर जल्द फैसला लेने के मकसद
से इलाहाबाद हाईकोर्ट
पहुंची थी.




इसके बाद नूपुर को हाईकोर्ट
से 30 दिनों के लिए राहत मिल गई
थी, लेकिन अप्रैल के पहले
हफ्ते में सीबीआई ने नूपुर के
खिलाफ हाईकोर्ट में अर्जी दी.




सीबीआई ने अपनी अर्जी में कहा
है कि नूपुर तलवार तथ्यों को
छिपाकर गलत तरीके से राहत
पाई.




सीबीआई ने हाईकोर्ट से नूपुर
के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज
करने की अपील की है.  हाईकोर्ट
अगर सीबीआई की अर्जी को
मंज़ूर करते हुए नूपुर के
खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज
किये जाने का फैसला सुनाती है
तो उनकी मुश्किलें बढने के
साथ एक और केस में जेल जाने की
तलवार लटक जाएगी.




ग़ौरतलब है कि तीन साल पहले 15-16
मई की दरम्यानी रात नोएडा में
हुए आरुषि हत्याकांड ने
सनसनी फैला दी थी. उसके बाद से
आज तक न तो कातिल का कुछ पता लग
पाया है और न ही कत्ल की वजह
साफ हो पाई है.




15 मई 2008 की रात आरुषि की हत्या
हुई थी और उसके अगले दिन एल-32
के छत पर हेमराज का शव मिला था.




शुरुआती जांच में नोएडा
पुलिस ने हेमराज को कातिल
ठहराया था और उसकी तलाश में
जुट गई थी. लेकिन मामले में
मोड़ तब आया जब हेमराज का शव
घर की छत पर मिला.




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आखिर
तलवार को आरुषि का हत्‍यारा
क्‍यों मानती है सीबीआई?






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कोर्ट से राहत नहीं, करना
होगा सरेंडर






नूपुर
तलवार की गिरफ्तारी के लिए
वक्त बढ़ा






आखिर
नुपुर तलवार पर क्या हैं
आरोप?




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