आरोपों पर पहली बार मोदी सरकार ने दिया जवाब, कहा- सरासर झूठ बोल रहे हैं केजरीवाल

By: | Last Updated: Wednesday, 26 March 2014 4:34 AM
आरोपों पर पहली बार मोदी सरकार ने दिया जवाब, कहा- सरासर झूठ बोल रहे हैं केजरीवाल

बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी बायीं ओर और आम आदमी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल दायीं ओर

नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ने के लिए ताल ठोंक दी है. केजरीवाल ने फिर बीजेपी और नरेंद्र मोदी से कई सवाल पूछे. अंबानी-अदाणी से रिश्ते पर, गैस के दाम बढ़ाने पर. केजरीवाल को मोदी ने तो कोई जवाब नहीं दिया लेकिन उनकी सरकार के प्रवक्ता ने दिया है केजरीवाल को जवाब. पहली बार मोदी सरकार ने केजरीवाल के आरोपों का दिया है जवाब. केजरीवाल का झूठ और गुजरात सरकार के सत्य बताते हुए जवाब दिया गया है.

 

यहां देखिए क्या सफाई दी है गुजरात सरकार ने केजरीवाल के आरोपों पर-

 

सार्वजनिक जीवन में झूठ के आधार पर प्रसिद्धि पाई जा सकती है लेकिन सिद्धि हासिल नहीं की जा सकती. ये केजरीवाल को समझना होगा. वाराणसी में अरविंद केजरीवाल ने झूठ बोलने की अपनी राजनीतिक परंपरा के मुताबिक गुजरात और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में झूठ फैलाया है. लेकिन नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय शासन को और विकास को किसी किस्म का झींटा इससे नहीं पड़ सकता. देश की जनता केजरीवाल को मुंहतोड़ जवाब देगी. राज्य सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि केजरीवाल और उनके साथी जहां-जहां जा रहे हैं वहां जनता के आक्रोष और रोष का शिकार हो रहे हैं. क्योंकि वो झूठ फैलाने की राजनीति और नफरत के जाल में फंस गए हैं.

 

गैस के मसले पर अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी के सामने जो आरोप लगाए वो पूरी तरह से आधारहीन थे. सुप्रीम कोर्ट का नाम लेकर मोदी सरकार को बदनाम करने की उनकी झूठी कोशिश का भांडा फूट गया है. अरविंद केजरीवाल ने वाराणसी की रैली में मोदी के खिलाफ जो झूठ फैलाया है उसका सिलसिलेवार सत्य इस प्रकार है.

 

 

केजरीवाल का झूठ 1- अगर मोदी सत्ता में आते हैं तो किसानों की ज़मीन चली जाएगी और ये जमीन बड़े उद्योगपतियों को दे दी जाएगी.

गुजरात का सत्य- गुजरात की जमीन अधिग्रहण नीति की सुप्रीम कोर्ट तक ने तारीफ की है. गुजरात की इस नीति के मुताबिक अगर किसानों की ज़मीन अधिग्रहीत की जाती है तो उसका बाज़ार मूल्य दिया जाता है और जमीन अधिग्रहण बिना किसानों की सहमति के नहीं किया जाता. देश के अऩ्य राज्यों में जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों के बड़े आंदोलन होते रहे हैं. लेकिन गुजरात में ऐसे आंदोलन नहीं होते क्योंकि हमारी नीति किसानों के हित में है.

 

 

केजरीवाल का झूठ 2- गुजरात में पिछले दस सालों में 5874 किसानों ने आत्महत्या की.

गुजरात का सत्य- केजरीवाल का ये सबसे बड़ा झूठ है. गुजरात की अपनी पिछली यात्रा के दौरान केजरीवाल ने इसी किस्म का झूठ चलाया था और कहा था कि पिछले 10 सालों में 800 किसानों ने आत्महत्या की है. केजरीवाल आंकड़े का भ्रमजाल रचने में इतने माहिर हैं कि जिंदा लोगों को भी आत्महत्या कर लेने वाले मृतकों में गिना देते हैं. 15 दिनों में ही उनके हिसाब से गुजरात में आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या 800 से बढ़कर 5874 हो गई. केजरीवाल कितना झूठ फैलाते हैं ये उसका एक उदाहरण है. हकीकत ये है कि पिछले 10 सालों में गुजरात में फसल का नुकसान होने की वजह से सिर्फ 1 किसान ने आत्महत्या की है.

 

केजरीवाल का झूठ 3- अगर नरेंद्र मोदी सत्ता में आएंगे तो रीटेल क्षेत्र में एफडीआई की इजाज़त देंगे और उससे छोटे व्यापारियों का धंधा रोजगार खत्म हो जाएगा.

गुजरात का सत्य- बीजेपी की एफडीआई संबंधी बहुत साफ है और रीटेल क्षेत्र में एफडीआई के प्रवेश के खिलाफ है बीजेपी.

 

केजरीवाल का झूठ 4- गुजरात में 60 हज़ार लघु और मझोले उद्योग बंद हो गए हैं.

गुजरात का सत्य- केजरीवाल का ये सरासर झूठ है. सच्ची हकीकत ये है कि गुजरात में 5 लाख 19 हज़ार लघु और मध्यम उद्योग रजिस्टर्ड हैं. केंद्र सरकार ने 2001-2002 में जो सर्वे किया उसके मुताबिक 22 फीसदी यूनिट बंद थीं. 2006-2007 में ये संख्या घटकर 12 फीसदी रह गई और 31 मार्च 2012 के दिन राज्य में मात्र 5 फीसदी लघु और मध्यम उद्योग बंद थे. जो 519000 लघु और मध्यम उद्योग रजिस्टर्ड हैं उसमें 95 फीसदी कार्यरत हो तो केजरीवाल के आरोप कितने झूठे हैं ये अपने आप में साबित हो जाता है.  गुजरात में लघु और मध्यम उद्योग देश में सबसे आगे है और इस क्षेत्र की उत्पादन विकास दर भी गुजरात में ऊंची है ये केजरीवाल को दिखा नहीं है.